मई तक अल नीनो मौसम चक्र का निर्माण होने का अनुमान

09-Mar-2026 05:04 PM

तिरुअनन्तपुरम। चालू वर्ष के दौरान अल नीनो मौसम चक्र के निर्माण एवं आगमन की संभावना तेजी से बढ़ती जा रही है। पहली इसके जून-जुलाई में आने की आशंका व्यक्त की जा रही थी लेकिन अब मई में ही इसकी उत्पति होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि इस बार 'सुपर' अल नीनो की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है जो भारत के लिए गंभीर चिंता की बात है। 

यूरोपीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र की एक रिपोर्ट के अनुसार विषुवतीय एवं पूर्वी प्रशांत महासागर में अल नीनो के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और अगस्त तक यह मौसम चक्र काफी सघन तथा सशक्त हो सकता है।

इसके आंकड़ों से ज्ञात होता है कि सुपर अल नीनो के आने के 22 प्रतिशत चांस है जबकि शक्तिशाली अल नीनो के 80 प्रतिशत तथा सामान्य अल नीनो के 98 प्रतिशत आसार हैं। जापान के दो मौसम वैज्ञानिकों ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। 

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस वर्ष सामान्य से लेकर मजबूत वर्ग तक के अल नीनो मौसम चक्र के आने की प्रबल संभावना है लेकिन यदि कुछ समय के लिए यह सुपर अल नीनो बन जाता तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। 

भारत के लिए अल नीनो मौसम चक्र अक्सर खतरे का सूचक होता है क्योंकि इससे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा प्रभावित हो जाती है और कई भागों में सूखे का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी मानसून के दौरान देश में खरीफ फसलों की बिजाई एवं प्रगति होती है। यदि वर्षा का अभाव रहा तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर गंभीर प्रतिकूल असर पड़ेगा और उत्पादन घट सकता है। इससे देश में खाद्य महंगाई घट सकती है और आर्थिक विकास पर असर पड़ सकता है।