महाराष्ट्र में खरीफ फसलों का रकबा 7.15 लाख हेक्टेयर घटा

18-Aug-2026 06:10 PM

मुम्बई। मक्का, तुवर, सोयाबीन, कपास एवं गन्ना के अग्रणी उत्पादक राज्यों में शामिल महाराष्ट्र में इस वर्ष 17 अगस्त तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 136.33 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 143.47 लाख हेक्टेयर से करीब 7.15 लाख हेक्टेयर कम है। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान महाराष्ट्र में धान एवं मोटे अनाजों का संयुक्त उत्पादन क्षेत्र 33.54 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 29.76 लाख हेक्टेयर, दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र 18.56 लाख हेक्टेयर से घटकर 15.87 लाख हेक्टेयर, तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 50.89 लाख हेक्टेयर से गिरकर 50.35 लाख हेक्टेयर तथा कपास का रकबा 38.35 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 38.04 लाख हेक्टेयर रह गया। गन्ना की बिजाई में कुछ वृद्धि हुई है। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 14.27 लाख हेक्टेयर से घटकर 12.76 लाख हेक्टेयर, ज्वार का क्षेत्रफल 84 हजार हेक्टेयर गिरकर 2.77 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 14.38 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 12.78 लाख हेक्टेयर रह गया। 

दलहन फसलों में तुवर, मूंग और उड़द तीनों की बिजाई घट गई है। इसके तहत तुवर का उत्पादन क्षेत्र 12.07 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 11.82 लाख हेक्टेयर, मूंग का बिजाई क्षेत्र 2.09 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.46 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का क्षेत्रफल 3.74 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.94 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। 

तिलहन फसलों में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 49.42 लाख हेक्टेयर से घटकर 48.78 लाख हेक्टेयर तथा तिल का रकबा 3 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 2 हजार हेक्टेयर रह गया मगर मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 1.34 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.39 लाख हेक्टेयर तथा सूरजमुखी का क्षेत्रफल 4 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 9 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया। खरीफ फसलों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है।