खाड़ी संकट से भारत के कृषि निर्यात पर खतरा
09-Mar-2026 04:13 PM
खाड़ी संकट से भारत के कृषि निर्यात पर खतरा
★ जीटीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार यदि ईरान में युद्ध लंबा चलता है तो भारत के कृषि निर्यात पर बड़ा असर पड़ सकता है। 2025 में पश्चिम एशिया को भारत का कृषि निर्यात करीब 11.8 अरब डॉलर रहा, जो कुल कृषि निर्यात का लगभग पाँचवां हिस्सा है। चावल, फल-सब्जियां, मसाले, मांस, डेयरी और पेय ★ पदार्थ जैसे उत्पाद सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
★ रिपोर्ट के अनुसार जोखिम के आधार पर प्रमुख उत्पाद इस प्रकार हैं:
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बहुत अधिक जोखिम (70% से अधिक निर्यात पश्चिम एशिया पर निर्भर)
★ सूखा नारियल (कोप्रा), जायफल-जावित्री-इलायची।
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उच्च जोखिम (लगभग 40–60% निर्यात निर्भर)
★ नारियल व पाम कर्नेल तेल, सूरजमुखी/कुसुम/कपास बीज तेल।
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मध्यम जोखिम (लगभग 20–35% निर्यात निर्भर)
★ चावल, नारियल व काजू, प्रोसेस्ड फल व मेवे, जीरा-धनिया जैसे मसाला बीज, अदरक-हल्दी जैसे मसाले और दालें खासकर काबुली चना।
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★ यदि क्षेत्र में तनाव और होर्मुज के आसपास अस्थिरता बनी रहती है तो इसका असर किसानों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और निर्यातकों पर पड़ सकता है।
