खरीफ सीजन में धान-मक्का का रकबा घटने एवं दलहन-तिलहन का बढ़ने की उम्मीद

14-May-2026 04:30 PM

नई दिल्ली। कुछ खास कारणों से इस वर्ष खरीफ सीजन में धान तथा मक्का का उत्पादन क्षेत्र घटने की संभावना है जबकि इसके बजाए किसान सोयाबीन एवं मूंगफली जैसे तिलहन तथा अरहर (तुवर) एवं उड़द जैसे दलहनों की खेती पर विशेष जोर दे सकते हैं। सरकार ने 2026-27 के खरीफ सीजन हेतु मक्का के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 10 रुपए की मामूली बढ़ोत्तरी की है और उसे 2400 रुपए से बढ़ाकर 2410 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। वैसे  मक्का का थोक मंडी भाव एमएसपी से काफी नीचे चल रहा है जिससे इसकी बिजाई के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षक घट सकता है। 

यद्यपि धान का एमएसपी 72 रुपए बढ़ाकर सामान्य श्रेणी के लिए 2441 रुपए तथा 'ए' ग्रेड के लिए 2461 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है और इस मूल्य अंतर पर इसकी विशाल सरकारी खरीद की गारंटी फसल के लिए अनुकूल रहने की संभावना कम है।

धान की फसल को पानी की सर्वाधिक जरूरत पड़ती है लेकिन इस बार न केवल अल नीनो के प्रभाव से मानसून के कमजोर रहने तथा देश के कई भागों में वर्षा का अभाव होने की संभावना है बल्कि बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर घटकर काफी नीचे आने से कृत्रिम सिंचाई में भी बाधा पड़ सकती है। 

दूसरी ओर तुवर-उड़द एवं सोयाबीन-मूंगफली के एमएसपी में अच्छी बढ़ोत्तरी की गई है और इन फसलों को सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत कम पड़ती है।

सरकार द्वारा उसकी अच्छी खरीद की जाती है। इसके फलस्वरूप खरीफ सीजन में दलहन-तिलहन फसल की खेती में किसान अच्छी दिलचस्पी दिखा सकते हैं और सरकार भी यही चाहती है।