किसानों को MSP दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: श्री सुनील कुमार सिंह, ऐएमडी, नेफेड

20-Jan-2025 07:44 PM

किसानों को MSP दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: श्री सुनील कुमार सिंह, ऐएमडी, नेफेड

नई दिल्ली। श्री लंका में आयोजित SAAF 2025 में नेफेड के श्री सुनील कुमार सिंह, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों एवं उपभोक्तओं के हित में कीमतों में स्थिरता को बरकरार रखने के लिए सही समय पर आवश्यक एवं व्यावहारिक निर्णय ले रही है। मानसून की अच्छी वर्षा तथा मौसम की अनुकूल स्थिति के सहारे 2024-25 के सीजन में पिछले साल के मुकाबले दलहनों के उत्पादन में बढोत्तरी होने के आसार हैं। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने तुवर का उत्पादन गत वर्ष के 34.17 लाख टन से 2.5 प्रतिशत बढ़कर इस बार 35.02 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर इसकी खरीद की मंजूरी भी प्रदान कर दी है।

इसके अलावा इस सेमिनार में भारत में तुवर उत्पादन 38 लाख टन, म्यांमार में 3.75 लाख टन और अफ्रीकन देशों में भी अच्छा रहने आंकड़े दिए गए। कुल मिलाकर सीजन भर तुवर की उपलब्धता अच्छी बनी रहगी जिससे कीमतें में नियंत्रित रह सकती हैं। 

मौजूदा रबी सीजन में चना तथा मसूर का उत्पादन भी अच्छा होने की उम्मीद है क्योंकि एक तो इसकी बिजाई संतोषजनक हुई है और दूसरे, अनुकूल मौसम के साथ खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश भी मौजूद है। मंत्रालय के मुताबिक 2024-25 के खरीफ सीजन में मूंग का घरेलू उत्पादन भी 11.54 लाख टन से 20 प्रतिशत बढ़कर 13.83 लाख टन पर पहुंच गया।

इस आयोजन में भारत में मसूर का उत्पादन 16.6 लाख टन, उडद का 20 लाख टन रहने का अनुमान दिया गया। म्यांमार में उड़द का उत्पादन 10.5 लाख टन रहने के आंकड़े दिए गए। 

अल नीनो मौसम चक्र के कारण 2022-23 एवं 2023-24 के लगातार दो सीजन में तुवर, उड़द एवं चना जैसे प्रमुख दलहनों का उत्पादन सामान्य औसत से कम हुआ क्योंकि देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में बारिश कम हुई और यह अनियमित अनिश्चित भी रही। सरकारी स्तर पर स्टॉक कम होने, कारोबारी गतिविधियों में बाधा पड़ने तथा कुछ लोगों द्वारा सटोरिया प्रवृत्ति अपनाने के कारण सरकार के समक्ष कीमतों को स्थिर बनाए रखने की गंभीर चुनौती उत्पन्न हो गई। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर अनेक आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए। इसमें उपभोक्तओं के साथ-साथ किसानों के हितों का भी ध्यान रखा गया। केन्द्र सरकार द्वारा किए गए उपायों में दलहनों के घरेलू उत्पादन बढ़ाने का प्रयास तथा आयात-निर्यात की नीतियों में सामयिक बदलाव भी शामिल हैं।  

दलहनों के उत्पादन संवर्धन के लिए कृषि मंत्रालय ने परम्परागत रूप से आयात होने वाले दलहनों जैसे-तुवर, उड़द एवं मसूर के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत खरीद की सीमा को समाप्त कर दिया और तदनुरूप 2024-25 सीजन के दौरान इन दलहनों के लिए एमएसपी पर 100 प्रतिशत खरीद की गारंटी दी गई। नैफेड तथा एनसीसीएफ द्वारा निश्चित खरीद के लिए किसानों का पूर्व-पंजीकरण किया गया तथा परम्परागत दलहन उत्तपदक क्षेत्र के आगे अनेक जिलों में  किसानों के बीच बीज का वितरण किया गया और जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। 

तुवर, उड़द एवं मसूर के शुल्क मुल्क आयात की समय सीमा 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है। इसी तरह पीली मटर के आयात को भी 28 फरवरी 2025 तक शुल्क मुक्त कर दिया गया है। मार्च 2024 में देसी चना के आयात को भी शुल्क मुक्त किया गया था और इसकी अवधि 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है। सरकार भारत ब्रांड के तहत रियायती मूल्य पर चना दाल, मूंग दाल एवं मसूर दाल की नियमित बिक्री भी कर रही है। इसके अलावा रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ निरन्तर बातचीत भी की जा रही है। इन उपायों के कारण दाल-दलहनों की कीमतों में महंगाई दर को जनवरी 2024 के 19.54 प्रतिशत से घटाकर दिसम्बर 2024 में 3.83 प्रतिशत पर लाने में सहायता मिली। दलहनों की आपूर्ति व्यवस्था काफी हद तक सुगम हो गई है।