क्रियाशील चीनी मिलों की संख्या इस बार 501 तक ही पहुंची

17-Jan-2025 08:17 PM

नई दिल्ली । भारत में 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान 15 जनवरी 2025 तक केवल 507 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हो सकी जबकि पिछले साल की इसी अवधि में 524 इकाइयों में गन्ना की पेराई हो रही थी।

इस तरह गत वर्ष की तुलना में इस बार 17 क्रम प्लांटों में गन्ना की क्रशिंग हो रही है। इससे गन्ना की कुल क्रशिंग तथा चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट देखी जा रही है। आगे भी चीनी का उत्पादन कमजोर रहने की संभावना है। 

हालांकि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक एवं बिहार जैसे राज्यों में क्रिया शील चीनी मिलों की संख्या में वृद्धि हुई है मगर महाराष्ट्र, तमिलनाडु एवं गुजरात में इसकी संख्या घट गई है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज के अनुसार 2023-24 के मुकाबले 2024-25 के वर्तमान सीजन में गन्ना की वास्तविक क्रशिंग करने वाली चीनी मिलों की संख्या उत्तर प्रदेश में 120 से बढ़कर 122, कर्नाटक में 74 से बढ़कर 77 तथा बिहार में 9 से बढ़कर 10 पर पहुंच गई है जबकि दूसरी ओर इसकी संख्या महाराष्ट्र में 206 से घटकर 196, तमिलनाडु में 26 से घटकर 14 तथा गुजरात में 16 से घटकर 15 रह गई है।

उल्लेखनीय है कि ये छह राज्य चीनी के उत्पादन में सबसे आगे है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 4, हरियाणा में 14, मध्य प्रदेश में 18, पंजाब में 15, तेलंगाना में 7, उत्तराखंड में 8 तथा देश के अन्य राज्यों में 7 चीनी मिलें क्रियाशील हुई है जो पिछले साल के बराबर ही है।