कपास का रकबा गत वर्ष से एक लाख हेक्टेयर पीछे
14-Sep-2026 01:39 PM
नई दिल्ली। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बिजाई में इस नियमित सुधार के कारण राष्ट्रीय स्तर पर कपास का उत्पादन क्षेत्र अब 109.34 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 110.31 लाख हेक्टेयर से 97 हजार हेक्टेयर कम है। पहले पंजाब, हरियाणा, एवं राजस्थान जैसे प्रांतों में बिजाई घटने से कपास के कुल रकबे में भारी गिरावट आ गई थी। उस समय गुजरात और महाराष्ट्र जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में भी क्षेत्रफल काफी पीछे चल रहा था।
दक्षिण भारत में बारिश कम होने से कपास की फसल पर खतरा बना हुआ है जबकि अन्य उत्पादक राज्यों में फसल की स्थिति काफी हद तक संतोषजनक देखी जा रही है। मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हुई है। महाराष्ट्र के नासिक डिवीजन में कम तथा अनियमित वर्षा के कारण न केवल कपास की बिजाई घटी है बल्कि फसल भी उत्साहवर्धक हालत में नहीं है।
कुछ राज्यों में कपास की अगैती बिजाई वाली फसल की तुड़ाई-तैयारी आरंभ हो गई है जबकि अगले महीने से सभी उत्पादक प्रांतों में इसकी रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। 31 अक्टूबर 2026 तक रूई का आयात शुल्क मुक्त रहेगा।
