केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद
21-Jul-2026 03:43 PM
नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि केन्द्रीय पूल में 1 जुलाई 2026 को कुल 925.85 लाख टन खाद्यान्न (चावल एवं गेहूं) का विशाल स्टॉक मौजूद था जो 1 जून 2026 को उपलब्ध स्टॉक 930.46 लाख टन से 4.61 लाख टन कम मगर 1 जुलाई 2025 को मौजूद स्टॉक 736.61 लाख टन से 189.24 लाख टन ज्यादा है। इससे पूर्व 1 जुलाई 2024 को केन्द्रीय पूल में कुल 608.75 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था।
जून की तुलना में जुलाई 2026 के आरंभ में केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक 396.32 लाख टन से बढ़कर 403.11 लाख टन पर पहुंचा मगर गेहूं का स्टॉक 534.14 लाख टन से घटकर 522.74 लाख टन रह गया। दरअसल गेहूं की सरकारी खरीद समाप्त हो चुकी है और अब केवल स्टॉक से इसकी निकासी होती रहेगी। दूसरी ओर केन्द्रीय पूल में चावल का आना जारी है। राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को नियमित रूप से कस्टम मिलिंग चावल (सीएमआर) की आपूर्ति की जा रही है।
इसके अलावा केन्द्रीय पूल में जून के मुकाबले जुलाई के आरंभ में धान का स्टॉक 428.40 लाख टन से घटकर 387.45 लाख टन रह गया जिससे इसकी कस्टम मिलिंग की रफ्तार बढ़ने का स्पष्ट संकेत मिलता है। दूसरी ओर मोटे अनाजों का स्टॉक 8.99 लाख टन से सुधरकर 10.04 लाख टन पर पहुंच गया।
सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान खरीद कर उसे कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को आवंटित किया जाता है और बदले में मिलर्स खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति करते रहते हैं। कहीं-कहीं रबी कालीन एवं ग्रीष्मकालीन (जायद) धान की सरकारी खरीद अभी जारी है जबकि खरीफ कालीन धान की रोपाई भी जोर पकड़ चुकी है।
