कनाडा से दलहनों का आयात निरन्तर जारी रखने का आश्वासन

01-Dec-2025 12:02 PM

रेगिना। भारत में कनाडा से दलहनों संवर्ग में मुख्यतः मसूर एवं पीली मटर का आयात होता है लेकिन जिस तरह देश में इन दोनों दलहनों के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाने की जोरदार मांग हो रही है उससे कनाडा उत्पादकों एवं निर्यातकों की चिंता काफी बढ़ गई है।

भारत में फिलहाल मसूर पर 10 प्रतिशत तथा पीली मटर पर 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू है। यदि सीमा शुल्क का स्तर भविष्य में बढ़ाया जाता है तो कनाडा के दलहन निर्यातकों को भारत जैसे प्रमुख आयातक देश में अपनी गतिविधियां जारी रखने में कठिनाई हो सकती है।

लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि भारत कनाडा को आश्वासन करना चाहता है कि वहां से दलहनों का आयात निरन्तर जारी रखा जाएगा ताकि कनाडाई किसानों  और मटर की खेती बरकरार रखने का प्रोत्साहन मिल सके।

पिछले सप्ताह कनाडा में भारत के उच्चायुक्त ने सबसे प्रमुख कृषि उत्पादक प्रान्त- सस्कैचवान का दौरा किया था और वहां आपसी बातचीत के दौरान इस तरह के संकेत दिए थे। 

भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक संबंधों में पहले खटास आ गई थी लेकिन कनाडा के नए प्रधानमंत्री अब भारत के साथ संबंधों को सुधारने का नए सिरे से प्रयास कर रहे हैं।

दोनों देशों के नेता एक व्यापक एवं समेकित व्यापार समझौता के लिए बातचीत को आरंभ करने पर सहमत हो गए हैं।

कनाडा भारत में मसूर का सबसे प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश बना हुआ है जबकि पिछले साल उसने भारत को पीली मटर की विशाल मात्रा का भी शिपमेंट किया था।

लेकिन भारतीय बाजार में कनाडा को मसूर एवं मटर के निर्यात में क्रमश: ऑस्ट्रेलिया एवं रूस की सख्त प्रतिस्पर्धा  का सामना करना पड़ता है। उसे डर है कि भारत यदि रूस तथा ऑस्ट्रेलिया से ज्यादा माल मंगाने का प्रयास करता है तो उसका बाजार संकुचित हो जाएगा

और इससे उसके उत्पादकों एवं निर्यातकों को भारी कठिनाई होगी। इसे देखते हुए कनाडा भारत में यह ठोस आश्वासन चाहता है कि भारतीय दलहन बाजार में उसे अपना उत्पाद भेजते रहने की अनुमति बंद नहीं होनी चाहिए।

फिलहाल भारतीय उच्चायुक्त ने इसका आश्वासन तो दे दिया है लेकिन यह तभी तक कारगर रहेगा जब तक भारत सरकार पीली मटर के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगा देती। वैसे मसूर का आयात जारी रखा जा सकता है।