कम कोटा एवं बेहतर मांग से चीनी का भाव मजबूत रहने के आसार

02-May-2026 12:36 PM

नई दिल्ली। चालू माह (मई) के लिए केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने घरेलू प्रभाग में बिक्री के वास्ते 22.50 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया है जो अप्रैल 2026 एवं मई 2025 के कोटे से काफी कम है। इस बीच यह खबर भी आई है कि मंत्रालय ने 16 चीनी मिलों का कोटा रोक दिया है क्योंकि इसने कथित तौर पर मार्च में नियत कोटे से अधिक चीनी की बिक्री की थी। इन 16 चीनी मिलों को संयुक्त रूप से करीब 70 हजार टन का कोटा दिया जा सकता था। यदि उसको स्थगित रखा गया तो मई 2026 के लिए केवल 21.80 लाख टन का ही कोटा उपलब्ध हो सकेगा बशर्तें सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था न करे। 

वैसे भी मई माह की संभावित मांग एवं खपत को देखते हुए 22.50 लाख टन चीनी के कोटे को ज्यादा बड़ा या भारस्वरूप नहीं माना जा रहा है। मई में भीषण गर्मी पड़ती है और तापमान काफी ऊंचा रहता है इसलिए चीनी की औद्योगिक मांग काफी बढ़ जाती है। आइसक्रीम एवं कोल्ड ड्रिंक्स आदि के निर्माण में विशाल मात्रा में चीनी की खपत होती है। इससे  मांग एवं आपूर्ति के बीच समीकरण जटिल रहने की संभावना है जो बाजार को मजबूती प्रदान कर सकता है। मिलर्स को इस माह औने-पौने दाम पर जल्दबाजी में अपना स्टॉक बेचने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा। 

चीनी के घरेलू उत्पादन में उम्मीद के अनुरूप बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी। सीजन की शुरुआत के समय उत्पादन में 18-20 प्रतिशत का भारी इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन अप्रैल 2026 के अंत तक उत्पादन में केवल 7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो सकी और इसका आंकड़ा 275 लाख टन तक ही पहुंच सका जबकि पहले 300 लाख टन से ज्यादा चीनी के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई थी। मिलर्स के पास चीनी का इतना लम्बा-चौड़ा स्टॉक नहीं बचेगा कि उसे हड़बड़ाहट में उसकी बिक्री के लिए बाध्य होना पड़े। कुल मिलाकर चीनी का भाव आगामी सप्ताहों के दौरान मजबूत रहने की संभावना है और मौजूदा मूल्य स्तर के मुकाबले इसमें औसतन 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी आ सकती है।