क्लीयरिंग की तेजी गति के बावजूद श्रीलंका के बंदरगाह पर कंटेनरों की भरमार
18-Jan-2025 03:49 PM
कोलम्बो । हालांकि श्रीलंका के कस्टम विभाग द्वारा 16 जनवरी 2025 तक अधिक संख्या में कंटेनरों को क्लीयरेंस दिया गया लेकिन फिर भी बंदरगाह पर संकीर्णता या भीड़ भाड़ बरकरार है और जितने कंटेनरों को रिलीज किया गया उससे ज्यादा संख्या में बॉक्स अब भी वहां मौजूद हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 16 जनवरी तक सीमा शुल्क विभाग ने 1615 कंटेनरों को बंदरगाह के टर्मिनलों से बाहर जाने के लिए क्लीयरेंस प्रदान किया था मगर इसमें से केवल 1337 कंटेनर ही बंदरगाह के गेट से बाहर निकल सका।
श्रीलंका सरकार ने पहले घोषणा की थी कि 24 घंटों की कस्टम सेवा को बरकरार रखते हुए कंटेनर ट्रैफिक को समाप्त किया जाएगा ताकि आगे के लिए रास्ता साफ हो सके।
बंदरगाह प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि कस्टम तथा अन्य विभाग लगातार कंटेनरों को रिलीज करने का काम कर रहे हैं लेकिन कंटेनर ट्रैफिक कम नहीं हो रहा है क्योंकि जितने कंटेनर निकलते हैं उससे ज्यादा वहां पहुंच जाते हैं।
दरअसल श्रीलंका के बंदरगाह रणनीतिक एवं भौगोलिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण स्थान पर उपस्थित है। मध्य पूर्व की ओर जाने वाले अधिकांश कंटेनरों का शिपमेंट श्रीलंका कोलम्बो बंदरगाह के माध्यम से होता है।
लाल सागर क्षेत्रों में हूती विद्रोहियों के आतंक के कारण जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ रहा है। वैसे कुछ जहाज श्रीलंकाई समुद्री तट के किनारे से निकल कर अफ्रीका और यूरोप की तरफ जा रहे हैं मगर श्रीलंकाई बंदरगाहों पर फिर भी भीड़भाड़ कम नहीं हो रही है।
इन बंदरगाहों पर चावल, चीनी, दलहन तथा अन्य अनेक उत्पादों के कंटेनर लगे हुए हैं। कस्टम क्लीयरेंस का काम दिन-रात चलता रहता है।
