जनवरी-फरवरी में पाम तेल के निर्यात में सीजनल गिरावट का अनुमान

21-Jan-2025 05:00 PM

कुआलालम्पुर । सरकारी संस्था- मलेशियन पाम ऑयल कौंसिल (एम्पोक) ने कहा है कि परम्परागत रूप से जनवरी-फरवरी के दौरान मलेशिया से पाम तेल उत्पादों के निर्यात में सीजनल गिरावट आती है और उत्पादन घटने के कारण इस वर्ष भी निर्यात कम होने की संभावना है।

संस्था द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यद्यपि मानसून सीजन दिसम्बर 2024 के अंतिम सप्ताह के दौरान मलेशिया तथा इंडोनेशिया से प्रस्थान करने लगा है लेकिन जनवरी 2025 में तीन सार्वजनिक अवकाश होने से बागानों में ऑयल पाम की तुड़ाई-तैयारी तथा मिलों में क्रशिंग के लिए कम समय बचेगा

जिससे पाम तेल का उत्पादन घट सकता है। इससे पूर्व नवम्बर-दिसम्बर 2024 में भी अत्यन्त मूसलाधार वर्षा एवं भयंकर बाढ़ के कारण मलेशिया में पाम तेल का उत्पादन प्रभावित हुआ था। 

एम्पोक के बयान में कहा गया है कि जनवरी-फरवरी में पाम तेल का उत्पादन घट सकता है लेकिन इसकी मांग एवं खपत में  बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है क्योंकि चाइनीज नव वर्ष का त्यौहार तथा रमजान आने वाला है।

वर्ष 2025 के दौरान पाम तेल की कीमतों की दशा मलेशिया एवं इंडोनेशिया में निर्यात योग्य स्टॉक तथा इसकी गतिशीलता के साथ-साथ अमरीका और इंडोनेशिया में होने वाले नीतिगत परिवर्तनों पर निर्भर करेगा। 

एम्पोक के मुताबिक वर्ष 2025 के दौरान मलेशिया में पाम तेल का उत्पादन 195 लाख टन पर स्थिर रहने का अनुमान है जबकि इंडोनेशिया में यह 20 लाख टन की बढ़ोत्तरी के साथ 480 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है।

लेकिन उत्पादन में इस वृद्धि के सम्पूर्ण भाग की खपत इंडोनेशिया के घरेलू प्रभाग में हो जाएगी क्योंकि वहां बायो डीजल निर्माण में पाम तेल के उपयोग का स्तर 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।

मलेशिया में पहले करीब 10 लाख टन पाम तेल का वार्षिक आयात होने से इसका स्टॉक बढ़ जाता था मगर अब यह घटकर 2.50 लाख टन के आसपास रह गया है।