ईसबगोल में तेजी की संभावना नहीं
02-Jan-2024 07:31 PM
नई दिल्ली । प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान में इस वर्ष ईसबगोल की बिजाई गत वर्ष की तुलना में अधिक होने के कारण बाजार में धारणा मंदे की बनी हुई है। दूसरे वर्ष भी देश में ईसबगोल का उत्पादन बढ़ने की संभावना है। बशर्ते आगामी दिनों में मौसम फसल के अनुकूल रहे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 के दौरान देश में ईसबगोल का उत्पादन लगभग 25/ 26 लाख बोरी का रहा था। जोकि 2023 में बढ़कर 32/34 लाख बोरी का हो गया। अधिक बिजाई के कारण वर्ष 2024 में ईसबगोल का उत्पादन 38/40 लाख बोरी के आसपास होने की संभावना है।
बिजाई अधिक
प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में ईसबगोल की बिजाई 27686 हेक्टेयर पर की गई है जबकि गत वर्ष बिजाई 13050 हेक्टेयर पर की गई थी। इसी प्रकार राजस्थान में भी ईसबगोल की बिजाई गत वर्ष के 3.5 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 3.86 लाख हेक्टेयर पर की गई है।
भाव मंदे
विगत कुछ समय से ईसबगोल की कीमतों में मंदे का दौर बना हुआ है और वर्तमान स्थिति को देखते हुए हाल-फिलहाल तेजी की संभावना भी नहीं है। उल्लेखनीय है कि जुलाई माह के दौरान उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर ईसबगोल का भाव 250/260 रुपए बन गया था वर्तमान में निर्यात मांग का अभाव एवं उत्पादक केन्द्रों पर अधिक बिजाई के कारण भाव घटकर 180/190 रुपए पर आ गया।
