ईरान–अमेरिका संघर्ष में युद्धविराम से भारतीय कृषि निर्यात को मिल सकता है सहारा
08-Apr-2026 11:34 AM
ईरान–अमेरिका संघर्ष में युद्धविराम से भारतीय कृषि निर्यात को मिल सकता है सहारा
★ बासमती चावल, चाय, काबुली चना, मसाले, ड्राई फ्रूट्स, चीनी और ऑयलमील जैसे उत्पादों की मांग में बढ़ोतरी की संभावना।
★ पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव कम होने से शिपमेंट गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो सकती हैं, जिससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी।
★ वर्तमान में समुद्री मार्गों, खासकर स्ट्रेट क्षेत्र में कई जहाज फंसे हुए हैं। ऐसे में निर्यात पूरी तरह सामान्य होने से पहले इन जहाजों की आवाजाही को बहाल करना आवश्यक होगा।
★ यदि युद्धविराम स्थायी रहता है और संघर्ष पूरी तरह समाप्त होता है, तो वैश्विक बाजार में इन उत्पादों की कीमतों को भी समर्थन मिल सकता है, जिससे भारतीय निर्यात प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।
★ एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि संघर्ष के कारण ईरान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे वहां आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसके चलते निकट भविष्य में भुगतान क्षमता और मांग पर दबाव बना रह सकता है।
★ युद्धविराम से मध्यम अवधि में निर्यात संभावनाएं बेहतर दिख रही हैं, लेकिन जमीनी हालात और लॉजिस्टिक बाधाओं के पूरी तरह सामान्य होने पर ही इसका पूरा लाभ मिल पाएगा।
