गुजरात में जायद सीजन के दौरान तिल का रकबा घटा

28-May-2024 07:25 PM

अहमदाबाद । गुजरात ग्रीष्मकालीन तिल का एक महत्वपूर्ण उत्पादक राज्य माना जाता है लेकिन पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान वहां इस तिलहन फसल के बिजाई क्षेत्र में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

गुजरात के कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के सबसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्र- सौराष्ट्र संभाग में क्षेत्रफल लगभग 11 प्रतिशत घट गया है जो प्रांतीय स्तर पर क्षेत्रफल में आई गिरावट का मुख्य कारण है। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गुजरात में पिछले साल तिल का उत्पादन क्षेत्र करीब 1.24 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था जो चालू वर्ष में गिरकर 1.15 लाख हेक्टेयर के आसपास रह गया।

दिलचस्प तथ्य यह है कि सौराष्ट्र को छोड़कर राज्य के अन्य भागों में तिल के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है मगर वहां रकबा का दायरा ही सीमित रहता है।

प्राप्त सूचना के अनुसार उत्तरी गुजरात में तिल का उत्पादन क्षेत्र करीब दोगुना बढ़ा है जबकि कच्छ संभाग एवं दक्षिणी गुजरात में बिजाई क्षेत्र में 58-58 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान उत्तरी गुजरात में तिल का उत्पादन क्षेत्र 1000 हेक्टेयर से उछलकर 2000 हेक्टेयर,

कच्छ में बिजाई क्षेत्र 1900 हेक्टेयर से बढ़कर 3000 हेक्टेयर तथा दक्षिणी गुजरात में क्षेत्रफल 2600 हेक्टेयर से बढ़कर 4100 हेक्टेयर पर पहुंच गया। गुजरात के मध्यवर्ती भाग में भी तिल का रकबा गत वर्ष के 2000 हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 2900 हेक्टेयर हो गया। 

दूसरी ओर सौराष्ट्र संभाग में तिल का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 1,16,200 हेक्टेयर से 11.10 प्रतिशत या 12,900 हेक्टेयर घटकर इस बार 1,05,300 हेक्टेयर रह गया।

वहां पिछले महीने तक मौसम की हालत फसल के लिए काफी हद तक अनुकूल बनी हुई थी। अगैती बिजाई वाली फसल पककर कटाई के लिए तैयार हो रही है।