फरवरी तक ला नीना की सक्रियता जारी रहने की संभावना

01-Dec-2025 12:51 PM

सिडनी। ऑस्ट्रेलियाई मौसम ब्यूरो ने कहा है कि ला नीना मौसम चक्र प्रशांत महासागर में अभी सक्रिय स्थिति में है। आमतौर पर इसकी सक्रियता से भारत में अच्छी वर्षा होने की संभावना रहती है जबकि इसके विपरीत अल नीनो मौसम चक्र से अनावृष्टि एवं सूखे की आशंका रहती है। 

इधर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) पहले ही भविष्यवाणी कर चुका है कि भारत में ला नीना मौसम चक्र दिसंबर 2028 से फरवरी 2026 तक सक्रिय रह सकता है

इस बीच हिन्द महासगार का डायपोल फिलहाल ऋणात्मक चरण में हैं मगर लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है। दिसम्बर में इसके न्यूट्रल हो जाने की संभावना है। यदि ला नीना मौसम चक्र सक्रिय रहता है तो यह रबी फसलों के लिए सहायक साबित हो सकता है। 

मौसम ब्यूरो के अनुसार प्रशांत महासागर तथा हिन्द महासागर में जो घटनाएं हो रही है वे ला नीना की सक्रियता के संकेत स्पष्ट रूप से दे रही है।

ट्रॉपिकल प्रशांत महासागर में तापमान अगले साल के आरंभ तक ला नीना के स्तर पर बरकरार रहने की उम्म्मीद है और उसके बाद वह न्यूट्रल (उदासीन) फैज में वापस लौट सकता है। कई अन्य देशों के मौसम केन्द्र भी ला नीना की सक्रियता को स्वीकार कर रहे हैं। 

भारत में रबी फसलों की जोरदार बिजाई अभी जारी है और जनवरी तक कमोबेश इसका सिलसिला चलता रहेगा। यदि ला नीना की सक्रियता से जनवरी-फरवरी में अच्छी वर्षा होती है तो रबी फसलों की प्रगति बेहतर ढंग से सुनिश्चित हो सकती है और सिंचाई के लिए किसानों के खर्च में कमी आ सकती है।

फरवरी-मार्च में तापमान भी उचित स्तर पर रहने की संभावना है जिससे खासकर गेहूं, जौ, चना, मसूर एवं सरसों की फसल को फायदा होगा और इसके उत्पादन में बढ़ोत्तरी की उम्मीद रहेगी।