एथनॉल निर्माताओं के लिए सरकारी चावल का संशोधित मूल्य 2250 रुपए प्रति क्विंटल नियत

18-Jan-2025 12:06 PM

नई दिल्ली । केन्द्र सरकार अपने स्टॉक में मौजूद चावल के विशाल अधिशेष भंडार को घटाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

इसके तहत खाद्य मंत्रालय द्वारा विभिन्न खपतकर्ता संवर्गों को रियायती मूल्य पर चावल उपलब्ध करवाना भी शामिल है। खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अनर्गत एक बार फिर चावल के मूल्य को संशोधित किया गया है। 

खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार ओएमएसएस के तहत प्राइवेट पार्टियों एवं सहकारी संघों / फेडरेशन को ई-नीलामी के जरिए होने वाली बिक्री के लिए चावल का न्यूनतम आरक्षित मूल्य 2800 रुपए प्रति क्विंटल होगा

और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से छोटे व्यापारियों को बेचे जाने वाले चावल का निर्गत मूल्य भी 2800 रुपए प्रति क्विंटल ही रहेगा।

लेकिन राज्य सरकारों एवं प्रांतीय निगमों को 2250 रुपए प्रति क्विंटल की दर से चावल उपलब्ध करवाया जाएगा और उसे साप्ताहिक ई-नीलामी में भाग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

सूचना के मुताबिक केन्द्र सरकार की अधीनस्थ सहकारी संगठनों / एजेंसियों को भारत ब्रांड नाम के तहत अपने स्टोर्स, मोबाइल वैन तथा ई-कॉमर्स / बिग चेन रिटेलर्स आदि को खुदरा बिक्री के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से चावल उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकारी एजेंसियों में नैफेड, एनसीसीएफ तथा केन्द्रीय भंडार सम्मिलित हैं। 

लेकिन कम्युनिटी किचन तथा एथनॉल निर्यात हेतु डिस्टीलरीज को बिक्री के लिए चावल का मूल्य घटाकर 2250-2250 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जिससे उसे राहत मिलने की उम्मीद है।

एक अग्रणी चीनी उत्पादक कम्पनी के उस कार्यकारी निदेशक का कहना है कि सरकारी चावल का दाम घटाकर 2250 रुपए प्रति क्विंटल नियत किए जाने से ग्रेन डिस्टीलर्स को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

एथनॉल आपूर्ति वर्ष 2024-25 (नवम्बर-अक्टूबर) के लिए एथनॉल टेंडर के तीसरे चरण में कुल 24 लाख टन चावल की बिक्री की अनुमति दी गई है।

खाद्य निगम के इस चावल का उपयोग होने पर 110 करोड़ लीटर तक एथनॉल का निर्माण हो सकता है। इस संशोधित दाम के साथ एस एफ जी के लिए एथनॉल की दर 58.50 रुपए प्रति लीटर के पूर्व स्तर पर ही बरकरार रहेगी।