एथनॉल में मक्का का उपयोग बढ़ने से चावल उपयोग प्रभावित

13-Mar-2026 08:19 PM

चंडीगढ़। एथनॉल उत्पादन में मक्का के तेजी से बढ़ते उपयोग से पंजाब का चावल उद्योग चिंतित एवं परेशान है। राज्य के राइस मिलर्स के पास 100 प्रतिशत टूटे चावल का बढ़ा भंडार मौजूद है मगर एथनॉल निर्माताओं द्वारा इसकी समुचित खरीद नहीं की जा रही है। टुकड़ी चावल का यह स्टॉक मिलर्स के लिए जी जंजाल बन गया है। 

मिलर्स का कहना है कि समस्या सिर्फ मौजूदा स्टॉक की नहीं बल्कि आगामी उत्पादन के लिए भी है। धान की मिलिंग के दौरान चावल के साबुत दाने के साथ टूटे दाने का भी निर्माण होता है।

साबुत चावल या तो सरकार लेती है या फिर व्यापारी एवं निर्यातक खरीदता है लेकिन टुकड़ी चावल की खरीद अक्सर एथनॉल उत्पादकों द्वारा भारी मात्रा में की जाती रही है। लेकिन अब एथनॉल निर्माण में मक्का का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है इसलिए टुकड़ी चावल की मांग कमजोर पड़ गई है। 

केन्द्र सरकार ने एथनॉल निर्माताओं के लिए टुकड़ी चावल का खरीद मूल्य बढ़ाकर 2370 रुपए प्रति क्विंटल नियत कर दिया है जबकि मक्का का भाव फिलहाल 1700-1800 रुपए प्रति क्विंटल ही चल रहा है।