एफसीआई के चावल से निर्मित 110 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति का टेंडर
20-Jan-2025 04:07 PM
नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) चालू सप्ताह के दौरान तीसरे चरण के तहत 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में करीब 110 करोड़ लीटर ऐसे एथनॉल की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किए जाने की संभावना है
जिसका निर्माण सिर्फ भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा उपलब्ध करवाए जाने वाले चावल से किया जाएगा एथनॉल आपूर्ति का सीजन नवम्बर 2024 से आरंभ हो चुका है और अक्टूबर 2025 तक बरकरार रहेगा।
एथनॉल निर्माताओं को खाद्य निगम की ओर से 2250 रुपए प्रति क्विंटल के रियायती मूल्य पर चावल उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार ने एथनॉल डिस्टीलरीज को बिक्री के लिए 24 लाख टन चावल का कोटा आवंटित किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सरकार ने एथनॉल डिस्टीलरी को बेचे जाने वाले भारतीय खाद्य निगम के चावल का निर्गत मूल्य घटाकर 2250 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया था जो इसके कुल आर्थिक लागत 39.75 रुपए प्रति क्विंटल से 17.25 रुपए प्रति क्विंटल कम है।
इससे पूर्व 7 जनवरी को खाद्य मंत्रालय ने एफसीआई को कहा था कि वह एथनॉल निर्माताओं को 28 रुपए प्रति किलो के नियत मूल्य पर चावल की बिक्री करे। लेकिन बाद में इस मूल्य को घटाकर 22.50 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया।
खाद्य निगम के चावल के मूल्य में कटौती की अधिसूचना जारी करते हुए सरकार ने कहा था कि यदि मक्का तथा अन्य श्रेणी के कच्चे माल (फीड स्टॉक) से निर्मित एथनॉल की आपूर्ति का अभाव उत्पन्न होता है तो कन्वर्जन की अनुमति दी जा सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि एथनॉल निर्माताओं के लिए चावल के कोटे में इजाफा हो सकता है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार यदि किसी डिस्टीलरी को खुले बाजार से उचित मूल्य पर मक्का अथवा चावल की खरीद में कठिनाई महसूस होगी
तो उसके पास एफसीआई से चावल प्राप्त करने और उसके अनुरूप तेल विपणन कंपनियों को एथनॉल की आपूर्ति करने का विकल्प मौजूद रहेगा। इस तरह सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य कदम है।
