छोटी इलायची का भाव निकट भविष्य में मजबूत रहने की उम्मीद
28-May-2024 05:08 PM
कोच्चि । हालांकि सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य-केरल में हाल के दिनों में हुई अच्छी बारिश से छोटी (हरी) इलायची की फसल को कुछ राहत मिली है लेकिन मार्च-अप्रैल के गर्म एवं शुष्क मौसम से फसल को जो नुकसान हुआ था उसकी भरपाई मुश्किल लगती है।
2023-24 का मार्केटिंग सीजन अंतिम पड़ाव पर है और अगले महीने के अंत या जुलाई के आरंभ से इलायची के नए माल की तुड़ाई-तैयारी शुरू होने की संभावना है।
उत्पादकों का अधिकांश स्टॉक पहले ही बिक चुका है इसलिए नीलामी केन्द्रों में माल की आवक कम हो रही है। पिछले सप्ताह की नीलामी में महज 27-28 टन इलायची की आवक हुई
और इसका औसत मूल्य उछलकर 2400 रुपए प्रति किलो से कुछ ऊपर पहुंच गया जबकि उससे पिछले सप्ताह की नीलामी में भाव 2000 रुपए प्रति किलो से कुछ नीचे था। केरल इलायची का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।
अगली नई फसल के उत्पादन के बारे में तरह-तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि वास्तविक स्थिति का पता अगस्त-सितम्बर में ही लग पाएगा जब प्रथम चरण की तुड़ाई चरम सीमा पर होगी।
लेकिन इतना अवश्य है कि छोटी इलायची की पाइप लाइन काफी हद तक खाली हो चुकी है और नया माल भी शुरूआती दौर में बाजार पर ज्यादा दबाव नहीं बना पाएगा।
इसके फलस्वरूप स्थानीय डीलर्स- स्टॉकिस्ट, निर्यातकों एवं दिसावरी व्यापारियों की मांग मजबूत रहने पर छोटी इलायची का भाव ऊंचे स्तर पर बरकरार रह सकता है। अगस्त से इलायची में त्यौहारी मांग भी निकलनी शुरू हो जाएगी।
