चीन और रूस से उर्वरकों के आयात में भारी वृद्धि

18-May-2026 03:18 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 के दौरान भारत में चीन से रासायनिक खाद (उर्वरकों) का आयात 173 प्रतिशत से भी अधिक बढ़कर 50.20 लाख टन पर पहुंच गया क्योंकि वहां से इसे मंगाने में सुविधा हो रही थी। वैसे समीक्षाधीन अवधि में रूस भारत को उर्वरकों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश बना रहा।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान रूस से भारत को 49 लाख टन उर्वरकों का निर्यात किया गया था जो 2025-26 के वित्त वर्ष में उछलकर 68 लाख टन पर पहुंच गया। यद्यपि भारत में भी उर्वरकों का उत्पादन होता है लेकिन यह घरेलू मांग एवं जरूरत से बहुत पीछे रह जाता है। इसके फलस्वरूप यहां विदेशों से प्रति वर्ष उर्वरकों के विशाल आयात की आवश्यकता बनी रहती है। रूस और चीन के अलावा भारत में दुनिया के कई अन्य देशों से भी उर्वरकों का भारी आयात किया जाता है। 

भारत दुनिया में उर्वरकों का अग्रणी आयातक देश है। यहां खरीफ और रबी सीजन के दौरान विशाल क्षेत्रफल में विभिन्न फसलों की खेती होती है जिसके लिए भारी मात्रा में खाद की जरूरत पड़ती है। अगले महीने से खरीफ फसलों की बिजाई आरंभ होने वाली है। हालांकि उर्वरकों का आयात खर्च काफी ऊंचा हो गया है लेकिन सरकार इसका भार किसानों पर डालने के बजाए स्वयं उठा रही है। इससे उर्वरक सब्सिडी काफी बढ़ जाएगी।