चीन में आयात बढ़ने की संभावना से गेहूं, मक्का एवं सोयाबीन का वायदा तेज
18-May-2026 01:16 PM
शिकागो। चीन के दौरे से लौटने के बाद अमरीका के राष्ट्रपति ने कहा है कि चीन अमरीका से सोयाबीन के साथ-साथ गेहूं और मक्का का भी विशाल आयात करने पर सहमत हो गया है। इस घोषणा के बाद शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) में इन तीनों कृषि जिंसों के वायदा मूल्य में तेजी आ गई।
चीन की उदासीनता से अमरीकी किसान बेहद चिंतित और निराश थे। चीन का विशाल बाजार अमरीकी कृषि क्षेत्र का आधार बना हुआ था मगर अमरीका की टैरिफ नीति एवं विरोधी योजनाओं से नाराज होकर चीन ने वहां से कृषि उत्पाद मंगाना बंद या बेहद कम कर दिया।
अमरीका प्रशासन द्वारा जारी एक अपडेट के अनुसार चीन ने वर्ष 2026 से 2028 तक अमरीका से कुल मिलाकर कम से कम 17 अरब डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों का आयात करने पर सहमति व्यक्त कर दी है।
इससे पूर्व चीन ने वर्ष 2025 के अंत में अमरीका से सोयाबीन आयात के लिए जो संकल्प (वादा) किया था वह भी बरकरार रहेगा। उल्लेखनीय है कि उस समय चीन तथा अमरीका के राष्ट्रपति की एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई थी जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिरोध को दूर करने के उपायों पर विचार किया गया था।
चीन ने उस समय अमरीकी सोयाबीन का आयात करने पर हामी तो भर दी थी मगर व्यापारिक तौर पर आयात लम्बे समय तक आरंभ नहीं किया क्योंकि उसके पास ब्राजील जैसा महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता देश का विकल्प मौजूद था। ब्राजील दुनिया में सोयाबीन का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है जबकि मक्का के निर्यात में दूसरे एवं उत्पादन में तीसरे नम्बर पर रहता है।
चीन को वहां से पर्याप्त मात्रा में सोयाबीन एवं मक्का प्राप्त हो रहा था जबकि गेहूं का आयात ऑस्ट्रेलिया, कनाडा एवं फ्रांस जैसे देशों से किया जा रहा था। इससे अमरीकी किसानों को जबरदस्त नुकसान हो रहा था। हालांकि चीन ने अमरीकी कृषि उत्पादों के आयात पर सहमति तो दी है लेकिन वास्तविक आयात कब से शुरू होगा और कितना आयात होगा- यह देखना दिलचस्प होगा।
