चीनी के निर्यात पर अकस्मात प्रतिबंध लगने से स्वदेशी उद्योग हैरान

14-May-2026 05:26 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा चीनी के निर्यात पर अचानक प्रतिबंध लगाने की घोषणा से स्वदेशी उद्योग स्तब्ध, हैरान और दुविधाग्रस्त है। सरकार ने चीनी उद्योग को न तो अपने निर्णय की कोई पूर्व सूचना दी और न ही निर्यातकों को रणनीति में बदलाव का कोई अवसर दिया अब चीनी के वैश्विक बाजार मूल्य में तेजी-मजबूती आने के संकेत मिलने लगे थे क्योंकि ब्राजील, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया एवं यूरोपीय संघ में उत्पादन घटने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

भारत में भी उत्पादन कुछ कम होने की संभावना है। पिछले महीने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा था कि फिलहाल चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है और न ही सरकार का ऐसा कोई प्लान है। लेकिन अब अकस्मात सरकार ने तत्काल प्रभाव से इसके निर्यात पर रोक लगाने की घोषणा कर दी। 

2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में चीनी का कुल घरेलू उत्पादन 280 लाख टन के आसपास सिमट जाने की संभावना है। गन्ना की क्रशिंग का मुख्य सीजन समाप्त हो चुका है जबकि उत्तरी कर्नाटक और तमिलनाडु में इसका विशेष सीजन जुलाई-अगस्त में शुरू होगा। उस सीजन में आमतौर पर 3-4 लाख टन चीनी का उत्पादन हो जाता है। मुख्य सीजन में 275 लाख टन से कुछ अधिक चीनी का उत्पादन आंका गया है।

2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में चीनी का कुल उत्पादन घरेलू उपयोग से कम होने की संभावना है जबकि अगले सीजन का उत्पादन भी उत्साहवर्धक होने की उम्मीद नहीं है। उद्योग के पास बकाया स्टॉक कम रह सकता है। इससे चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने की संभावना उत्पन्न हो सकती है।