चीनी की कीमतों में तेजी-मंदी सरकारी नीति पर निर्भर

27-Nov-2025 08:55 PM

नई दिल्ली। पिछले सीजन की तुलना में चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान गन्ना के घरेलू उत्पादन में 210 लाख टन का भारी इजाफा होने का अनुमान केन्द्र सरकार ने लगाया है जिससे चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।

इसका मतलब यह हुआ कि 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान घरेलू प्रभाग में चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति पूरी तरह सुगम बनी रहेगी और खाद्य मंत्रालय को इसका मासिक फ्री सेल कोटा जारी करने के लिए कोई सोच-विचार नहीं करना पड़ेगा। ऐसी हालत में चीनी के घरेलू बाजार भाव में जोरदार उछाल आना मुश्किल लगता है। 

उद्योग पर स्टॉक का भाव घटाने के लिए सरकार ने 15 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति प्रदान कर दी है और चीनी का एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) तथा एथनॉल का बिक्री मूल्य (पेट्रोलियम कंपनियों के लिए) बढ़ाने पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

यदि इस पर उद्योग की उम्मीद के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो चीनी मिलर्स को काफी राहत मिल सकती है। यह आवश्यक भी है। लेकिन सरकार को आम उपभोक्ताओं के हितों का भी ख्याल रखना होता है। 

गन्ना की जोरदार क्रशिंग आरंभ हो चुकी है और चीनी का उत्पादन गत वर्ष से ज्यादा हो रहा है। पूरे सीजन में 340-350 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान है।