मार्च में सरसों की आवक 19 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंचने का अनुमान

01-Apr-2026 07:59 PM

जयपुर। नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी होने तथा भाव कुछ हद तक लाभप्रद रहने से मार्च 2026  में किसानों द्वारा खुली थोक मंडियों में विशाल मात्रा में सरसों का स्टॉक उतारा गया जबकि इसकी सरकारी खरीद भी ठीक से आरंभ नहीं हुई। 

जयपुर के चांदपोल के अनाज मंडी में स्थित लोकप्रिय एवं विश्वसनीय प्रतिष्ठान- मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के मैनेजिंग डयरेक्टर अनिल चतर द्वारा संकलित आंकड़ों से ज्ञात होता है कि मार्च 2026 के दौरान देश भर की मंडियों में सरसों की कुल आवक बढ़कर 19 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई।

1 मार्च को करीब 2 लाख टन सरसों का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था जबकि घरेलू उत्पादन का 114.25 लाख टन का स्टॉक सीजन में रहने वाला है। इसमें से 19 लाख टन की आवक मार्च में हो गई जिससे किसानों के पास अब 97.25 लाख टन का स्टॉक बचने का अनुमान है।

सरकारी एजेंसियों (नैफेड / हैफेड) के पास 1 लाख टन सरसों का स्टॉक था जिसे मार्च में बेच दिया गया। अब उसका स्टॉक पूरी तरह खाली हो गया है। 

मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के अनुसार मार्च 2026 के दौरान देश में लगभग 15 लाख टन सरसों की क्रशिंग हुई। 1 अप्रैल को मिलर्स-प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों- स्टॉकिस्टों के पास लगभग 6 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ था जबकि किसानों के पास मौजूद 97.25 लाख टन के स्टॉक को मिलाकर इसकी कुल   उपलब्धता 103.25 लाख टन बैठती है। 

उद्योग-व्यापार संगठनों द्वारा 2025-26 के रबी सीजन में 117.25 लाख टन सरसों के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया गया जिसमें से 3 लाख टन की आवक फरवरी में ही हो गई और 1 मार्च 2026 से आरंभ होने वाले मार्केटिंग सीजन के दौरान इसकी उपलब्धता 114.25 लाख टन आंकी गई है।