चीनी का घरेलू उत्पादन 280 लाख टन पर अटकने का अनुमान
01-Jan-2025 03:59 PM
मुम्बई । गन्ना की पैदावार, क्रशिंग एवं चीनी की औसत रिकवरी दर में गिरावट की आशंका को देखते हुए इस बार चीनी का घरेलू उत्पादन घटने की संभावना है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 280 लाख टन पर अटकने का अनुमान लगाया है जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 319 लाख टन से 39 लाख टन कम है।
फेडरेशन के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 103.65 लाख टन से गिरकर 98 लाख टन, महाराष्ट्र में 110.20 लाख टन से लुढ़ककर 87 लाख टन,
कर्नाटक में 53 लाख टन से घटकर 45 लाख टन, तमिलनाडु में 10.75 लाख टन से गिरकर 8.50 लाख टन तथा गुजरात में 9.20 लाख टन से फिसलकर 9.00 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना है।
इसके अलावा फेडरेशन ने बिहार में 6.50 लाख टन, हरियाणा में 6 लाख टन, मध्य प्रदेश में 5 लाख टन, पंजाब में 6 लाख टन, उत्तराखंड में 4.50 लाख टन, आंध्र प्रदेश- तेलंगाना में 3 लाख टन तथा देश के अन्य राज्यों में 1.50 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान लगाया है।
फेडरेशन के मुताबिक चीनी के सकल घरेलू उत्पादन में शीर्ष तीन उत्पादक प्रांतों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक का संयुक्त योगदान 2023-24 के सीजन में 83.65 प्रतिशत रहा था जो 2024-25 के वर्तमान सीजन में गिरकर 82.14 प्रतिशत रह जाने की संभावना है।
विभिन्न उत्पादक राज्यों में फिलहाल गन्ना की क्रशिंग जोर शोर से जारी है और चीनी के उत्पादन में सुधार हो रहा है।
