चीनी का घरेलू उत्पादन 271.20 लाख टन पर पहुंचा
02-Apr-2026 12:56 PM
नई दिल्ली। सहकारी चीनी मिलों के शीर्ष संगठन- नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही में यानी 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 के दौरान देश में चीनी का उत्पादन बढ़कर 271.20 लाख टन पर पहुंच गया जो 2024-25 सीजन की समान अवधि के उत्पादन 248.65 लाख टन से करीब 9 प्रतिशत ज्यादा है।
फेडरेशन के मुकाबले 15 मार्च तक चीनी का उत्पादन गत वर्ष से 10 प्रतिशत आगे चल रहा था लेकिन बाद में उत्तर प्रदेश में उत्पादन की गति धीमी पड़ने से कुल बढ़त थोड़ी घट गई। उत्तर प्रदेश में मध्य मार्च तक चीनी का उत्पादन पिछले साल से ज्यादा हुआ मगर मार्च की समाप्ति तक यह पहली बार घटकर उससे नीचे आ गया।
उत्तर प्रदेश में क्रशिंग प्रक्रिया जल्दी शुरू होने, गन्ना की जोरदार क्रशिंग होने तथा गन्ना से चीनी की रिकवरी दर ऊंची रहने के कारण अक्टूबर-दिसम्बर 2025 की तिमाही के दौरान चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई लेकिन जनवरी 2026 से इसकी रफ्तार धीमी पड़ने लगी। राज्य के कुछ इलाकों में गन्ना की उपज दर में 30 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई। वहां जनवरी एवं फरवरी में चीनी के उत्पादन में 3 प्रतिशत की गिरावट आई थी जो मार्च में बढ़कर 13 प्रतिशत पर पहुंच गई।
फेडरेशन के अनुसार 31 मार्च 2026 तक देश भर में 467 चीनी मिलें बंद हो चुकी थीं और केवल 74 इकाइयों में गन्ना की क्रशिंग जारी थी। 15 से 31 मार्च के दौरान 100 प्लांट बंद हुए। गत वर्ष की इसी अवधि में 420 चीनी मिलें बंद हुई थीं और 113 मिलें चालू थीं।
2024-25 की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 87.70 लाख टन से गिरकर 87.45 लाख टन रह गया जबकि महाराष्ट्र में 80.10 लाख टन से 24 प्रतिशत उछलकर 98.95 लाख टन और कर्नाटक में 39.90 लाख टन से बढ़कर 46.75 लाख टन हो गया।
