चीनी की घरेलू खपत 280 लाख टन के करीब होने का इस्मा का अनुमान

02-Jan-2025 05:24 PM

नई दिल्ली । भारतीय चीनी उद्योग की शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने पिछले सीजन की तुलना में चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी की घरेलू खपत में कुछ कमी आने की संभावना व्यक्त की है।

इस्मा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मौजूदा मार्केटिंग सीजन के शुरुआती चार महीनों के लिए सरकार द्वारा चीनी का जो फ्री सेल कोटा जारी किया गया है वह पिछले सीजन की तुलना में 7 लाख टन कम है।

इसके अलावा लोक सभा चुनाव के कारण अप्रैल, मई एवं जून 2024 में चीनी का अधिक कोटा नियत किया गया था क्योंकि उस समय मांग काफी बढ़ गई थी। 

इस्मा के अनुसार अगर चालू मार्केटिंग सीजन के शेष बचे आठ महीनों (फरवरी-सितम्बर) के दौरान प्रति माह औसतन 23.50 लाख टन का फ्री सेल कोटा निर्धारित किया जाता है तो 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए चीनी की कुल घरेलू खपत घटकर 280 लाख टन के आसपास सिमट सकती है।

आमतौर पर इस बार भी 290-295 लाख टन के बीच खपत होने का अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन इस्मा इससे सहमत नहीं है। 

इस्मा के मुताबिक देश भर की मिलों में गन्ना की क्रशिंग सामान्य गति से हो रही है और अक्टूबर-दिसम्बर 2024 की तिमाही के दौरान कुल 95.40 लाख टन चीनी का घरेलू उत्पादन हुआ जो वर्ष 2023 की समान अवधि के उत्पादन 113.01 लाख टन से काफी कम रहा।

क्रियाशील चीनी मिलों की संख्या भी 512 से घटकर 493 रह गई है। वैसे देश के तीन शीर्ष उत्पादक राज्यों- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर गत वर्ष से बेहतर देखी जा रही है।

लेकिन दिसम्बर 2024 के अंतिम सप्ताह के दौरान बारिश की वजह से गन्ना की आपूर्ति में कुछ समय के लिए बाधा पड़ने के कारण उत्तर प्रदेश में क्रशिंग रेट आंशिक रूप से प्रभावित हुई।

पिछले सीजन की तुलना में चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान एथनॉल निर्माण में चीनी की खपत 21.50 लाख टन से बढ़कर 40 लाख टन पर पहुंच जाने की संभावना है इसलिए प्रत्यक्ष खाद्य एवं औद्योगिक उद्देश्य के लिए चीनी का कम स्टॉक उपलब्ध रहेगा।

उद्योग के पास 2023-24 के मार्केटिंग सीजन की चीनी का भारी-भरकम स्टॉक मौजूद है इसलिए 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।