बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 75 प्रतिशत पर आया
27-Dec-2024 01:23 PM
नई दिल्ली । पिछले कुछ दिनों के दौरान उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रियता एवं गतिशीलता में कमी आने के कारण दक्षिणी राज्यों में बारिश बंद होने तथा देश के अन्य भागों में भी वर्षा का अभाव रहने से देश के 155 प्रमुख बांधों- जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता के 25 प्रतिशत पर आ गया। लेकिन अभी पश्चिमोत्तर भारत में अच्छी वर्षा हो रही है।
केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 26 सितम्बर को इन 155 बांधों-जलाशयों में केवल 135.404 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का भंडार बचा हुआ था जो इसकी कुल भंडारण क्षमता 180.852 बीसीएम का महज 75 प्रतिशत है। यह पानी का स्टॉक पिछले साल की समान अवधि से 24 प्रतिशत ज्यादा है।
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार चालू सप्ताह के दौरान देश के सभी पांच देशों में पानी का स्तर घट गया। उत्तरी क्षेत्र में तो यह चिंताजनक स्तर तक नीचे आ गया है जहां पानी का स्टॉक महज 9.151 बीसीएम दर्ज किया गया जो कुल भंडारण क्षमता 19.836 बीसीएम का 46 प्रतिशत है।
कुल मिलाकर देश में 10 जलाशय अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप पानी से भरे हुए हैं जबकि पिछले सप्ताह इसकी संख्या 13 थी। दूसरी ओर 50 प्रतिशत से कम पानी वाले बांधों-जलाशयों की संख्या 18 से बढ़कर 19 हो गई।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों से पता चलता है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून का सीजन समाप्त होने के बाद 1 अक्टूबर से 15 दिसम्बर के बीच देश में 721 जिलों में से 62 प्रतिशत जिलों में सामान्य से कम या बहुत कम (नगण्य) बारिश हुई।
बारिश की कमी से रबी फसलों के क्षेत्रफल में थोड़ी गिरावत आ गई और 20 दिसम्बर तक इसका कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 590.97 लाख हेक्टेयर से फिसलकर इस वर्ष 590.82 लाख हेक्टेयर पर अटक गया नवम्बर में तापमान भी सामान्य स्तर से ऊंचा रहा। वर्तमान समय में दिल्ली-एनसीआर समेत कई निकटवर्ती राज्यों में बारिश का दौर जारी है।
