बांधों जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर 75 प्रतिशत पर आया
09-Jan-2026 11:07 AM
नई दिल्ली। देश के अधिकांश भागों में वर्षा का अभाव होने तथा निकासी नियमित रूप से जारी रहने के कारण बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर लगातार घटता जा रहा है।
चालू वर्ष के आरंभ से अवश्य देश के 80 प्रतिशत भाग में बारिश नहीं हुई है जिससे 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता का 75.6 प्रतिशत रह गया है। दक्षिण भारत में जल स्तर गत वर्ष से भी नीचे आ गया है।
केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की नई रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर बांधों-जलाशयों में कुल 138.832 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक बचा हुआ है
जबकि इसकी कुल भंडारण क्षमता 183.565 बीसीएम की है। मौजूदा जल स्तर गत वर्ष से 6 प्रतिशत बिंदु और दस वर्षीय औसत से 22 प्रतिशत ज्यादा है।
दक्षिण भारत मुख्यतः उत्तर-पूर्व मानसून की वर्षा पर निर्भर रहता है जो अक्टूबर से आरंभ होता है। वर्ष 2025 के दिसम्बर माह के दौरान इस मानसून की अपेक्षित वर्षा नहीं हुई जिससे वहां जल स्तर में गिरावट आ गई।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार वर्ष 2026 के शुरुआती 8 दिनों के दौरान देश के 723 जिलों में से 80 प्रतिशत जिलों में बारिश बिल्कुल नहीं हुई जबकि अन्य 12 प्रतिशत जिलों में भी बहुत कम या नगण्य वर्षा हुई। उत्तरी भारत में अब रबी फसलों की सिंचाई के लिए बारिश की आवश्यकता महसूस होने वाली है।
दक्षिण भारत में सिर्फ आंध्र प्रदेश को छोड़कर अन्य राज्यों के बांधों में जल स्तर घटकर गत वर्ष से नीचे आ गया है। वहां कुल 47 बांधों-जलाशयों में कुल 39.057 बीसीएम पानी का स्टॉक मौजूद है जो इसकी कुल भंडारण क्षमता 55.287 बीसीएम का 70.6 प्रतिशत है गत वर्ष यह 73 प्रतिशत या 40.392 बीसीएम रहा था।
