ब्राजील में चीन के बजाए एथनॉल उत्पादन पर रहेगा जोर

11-Mar-2026 04:08 PM

साओ पाउलो। क्रूड खनिज तेल (पेट्रोलियम) के अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य में आ रही तेजी को देखते हुए लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में इस वर्ष जोर दिया जा सकता है। इसके फलस्वरूप वहां चीनी के उत्पादन में कुछ गिरावट आने की संभावना है। 

उद्योग- व्यापार समीक्षकों के अनुसार चूंकि ब्राजील दुनिया में चीनी का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है इसलिए वहां उत्पादन घटने का वैश्विक बाजार मूल्य पर सकारात्मक मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य में तेजी आने पर भारत को अपनी चीनी का निर्यात प्रदर्शन सुधारने का अवसर मिल सकता है भारत सरकार ने इस वर्ष 20 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति प्रदान की है जिसका शिपमेंट 30 सितम्बर 2026 तक किया जा सकता है। 

ब्राजील में अगले महीनों से चीनी के उत्पादन का नया मार्केटिंग सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ होने वाला है। समीक्षकों का मानना है कि इस बार मिलर्स-प्रोसेसर्स चीनी के बजाए एथनॉल के निर्माण में गन्ना की अधिक मात्रा का उपयोग कर सकते हैं। 

न्यूयार्क स्थित इंटर कांटीनेंटल एक्सचेंज में चालू सप्ताह के पहले दिन कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के वायदा मूल्य में 3 प्रतिशत से अधिक का इजाफा दर्ज किया गया।

उधर ब्राजील के मध्य दक्षिणी क्षेत्र में चीनी का  उत्पादन कम होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि ब्राजील में करीब 90 प्रतिशत चीनी का उत्पादन इसी क्षेत्र में होता है और वहां तैयारी आरंभ हो गई है।