म्यांमार से पहली छमाही में उड़द एवं तुवर का निर्यात घटा

01-Jul-2026 05:25 PM

रंगून। भारत के पूर्वोत्तर पड़ोसी देश- म्यांमार से चालू कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही में यानी जनवरी-जून 2026 के दौरान 3,95,923 टन उड़द का निर्यात हुआ जो वर्ष 2025 की समान अवधि के शिपमेंट 4,19,590 टन से कम है। इससे पूर्व जनवरी-जून 2024 के दौरान म्यांमार से 4,74,651 टन उड़द का निर्यात किया गया था। ज्ञात हो कि म्यांमार उड़द का सबसे प्रमुख निर्यातक एवं दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। वहां से इस महत्वपूर्ण दलहन का अधिकांश भाग भारत को भेजा जाता है। 

वर्ष 2025 की तुलना में 2026 के दौरान म्यांमार से उड़द का निर्यात जनवरी में 80,266 टन से सुधरकर 82,674 टन, फरवरी में 69,559 टन से बढ़कर 75,038 टन, मई में 64,211 टन से सुधरकर 64,692 टन तथा जून में 50,119 टन से उछलकर 70,432 टन पर पहुंचा लेकिन मार्च में 89,563 टन से लुढ़ककर 53,962 टन और अप्रैल में 65,871 टन से घटकर 49,125 टन पर अटक गया था। 

जहां तक अरहर (तुवर) का सवाल है तो म्यांमार से इसका निर्यात जनवरी-जून 2025 1,82,611 टन से घटकर जनवरी जून 2026 में 1,24,439 टन पर सिमट गया। म्यांमार तुवर का अधिकांश भाग भी भारत को भेजता है। जनवरी जून 2024 में वहां से 1,89,708 टन तुवर का कुल शिपमेंट हुआ था। भारत में तुवर एवं उड़द का आयात सीमा शुल्क से मुक्त है।

वैसे इस वर्ष भारत में म्यांमार से इन दोनों दलहनों के आयात की गति पिछले साल से धीमी देखी जा रही है। वर्ष 2026 में म्यांमार से जनवरी में 17,160 टन, फरवरी में 24,756 टन, मार्च में 27,269 टन, अप्रैल में 19,309 टन मई में 17,299 टन तथा जून में 18,646 टन तुवर का निर्यात शिपमेंट किया गया। इसका 90 प्रतिशत से अधिक भाग भारत में पहुंचा। 

म्यांमार से वर्ष 2025 की पूरी अवधि (जनवरी-दिसम्बर) में 8,46,084 टन उड़द तथा 3,65,867 टन तुवर का निर्यात हुआ था जबकि वर्ष 2024 में इसकी मात्रा क्रमश: 9,03,526 टन एवं 2,99,899 टन रही थी।