भारतीय खाद्य तेल आयातकों द्वारा तात्कालिक शिपमेंट पर जोर
11-Mar-2026 05:57 PM
मुम्बई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों का भाव तेज होता जा रहा है। आगामी समय के दौरान इसमें और भी इजाफा होने की आशंका है। इसे देखते हुए भारतीय खरीदार तात्कालिक शिपमेंट के लिए खाद्य तेलों का आयात अनुबंध करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
उन्हें भय है कि मध्य पूर्व एशिया में हालात काफी विषम है इसलिए सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात के लिए हाल में जो अनुबंध किए शिपमेंट में आवश्यक देर हो सकती है।
भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बढ़ा आयातक देश है। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार भारतीय आयातक एक तरफ पुराने सौदों को जल्दी-जल्दी निपटाने के लिए निर्यातकों पर दबाव डाल रहे हैं तो दूसरी ओर पाम तेल, सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का नया अनुबंध करने से हिचक रहे हैं।
भारत की कमजोर खरीद से खाद्य तेलों के वैश्विक बाजार मूल्य में आ रही तेजी पर कुछ ब्रेक लग सकता है लेकिन साथ ही साथ भारत में आयात घटने से घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति कुछ जटिल भी हो सकती है। इससे कीमतों में तेजी की संभावना बन सकती है।
एक विश्लेषक के अनुसार हाल के दिनों में वैश्विक बाजार में आई तेजी के अनुरूप घरेलू प्रभाग में खाद्य तेलों का भाव ऊंचा हुआ है लेकिन फिर भी भारतीय रिफाइनर्स ऊंचे दाम पर आपूर्तिकर्ता देशों में खाद्य तेलों का आयात अनुबंध करने से हिचक रहे हैं।
खरीदार फिलहाल इस बात से आश्वस्त नहीं है कि खाद्य तेलों का वैश्विक बाजार भाव आगामी समय में ऊंचे स्तर पर बरकरार रहेगा। इसकी पक्की सूचना भी नहीं मिल रही है कि निर्यातक सही समय पर माल की डिलीवरी देने में सक्षम हो जायेंगे।
