भारतीय बंदरगाहों पर खाद्य तेलों के स्टॉक में 10 प्रतिशत की वृद्धि
22-Jan-2025 06:02 PM
मुम्बई । विदेशों से आयात नियमित रूप से जारी रहने तथा निकासी की गति धीमी पड़ने से भारतीय बंदरगाहों पर खाद्य तेलों का कुल स्टॉक 31 दिसम्बर 2024 के 10,28,973 टन से करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 15 जनवरी 2025 को 11,30,132 टन पर पहुंच गया।
इसके तहत समीक्षाधीन अवधि के दौरान क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का स्टॉक 2,70,592 टन से 3 प्रतिशत फिसलकर 2,62,439 टन तथा मक्का आरबीडी पामोलीन का स्टॉक 1,87,282 टन से 7 प्रतिशत गिरकर 1,73,627 टन पर आ गया
लेकिन क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल का स्टॉक 2,58,404 टन से 31 प्रतिशत उछलकर 3,37,918 टन तथा क्रूड सूरजमुखी तेल का स्टॉक 2,78,474 टन से 17 प्रतिशत बढ़कर 3,24,563 टन पर पहुंच गया। अन्य खाद्य तेलों का स्टॉक 31 दिसम्बर को 34,221 टन से 8 प्रतिशत गिरकर 15 जनवरी को 31,585 टन पर अटक गया।
दरअसल दिसम्बर 2024 में पाम तेल उत्पादों का आयात काफी घट गया और जनवरी 2025 में भी इसके आयात में भारी गिरावट आने की संभावना है।
समीक्षकों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में पहली बार जनवरी 2025 में पाम तेल उत्पादों का आयात घटकर 4 लाख टन से नीचे आने की संभावना है।
इसके फलस्वरूप बंदरगाहों पर इसके स्टॉक का आयात घटकर 4 लाख टन से नीचे आने की संभावना है। इसके फसलवरूप बन्दरगाहों पर इसके स्टॉक की पोजीशन कमजोर बनी रह सकती है।
मलेशिया और इंडोनेशिया में पाम तेल का भाव बढ़कर काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है जबकि अर्जेन्टीना, ब्राजील एवं रूस जैसे देशों में सोयाबीन तेल तथा सूरजमुखी तेल का दाम प्रतिस्पर्धी स्तर पर बरकरार है।
इसके फलस्वरूप भारतीय रिफाइनर्स क्रूड पाम तेल के बजाए सोया तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात को प्राथमिकता दे रहे हैं। पाम तेल पर रिफाइनर्स का मार्जिन काफी घट गया है।
वैसे भी सीजनल कारणों से पाम तेल का निर्यात घटने की संभावना है मगर चाइनीज नव वर्ष एवं रमजान की मांग से इसका भाव ऊंचा रहने की उम्मीद है।
