भारत से निर्यात रुकने से चीनी का वैश्विक भाव ऊंचा होने की संभावना
18-May-2026 06:04 PM
न्यूयार्क। भारत सरकार द्वारा 14 मई को तत्काल प्रभाव से 30 सितम्बर 2026 तक के लिए चीनी के निर्यात पर रोक लगाए जाने से इसके वैश्विक बाजार भाव में तेजी-मजबूती का माहौल बनने की संभावना है।
दरअसल 2026-27 सीजन के दौरान भारत के साथ-साथ ब्राजील थाईलैंड, यूरोपीय संघ एवं ऑस्ट्रेलिया जैसे शीर्ष उत्पादक एवं निर्यातक देशों में भी चीनी का उत्पादन घटने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे चीनी का कुल वैश्विक उत्पादन इसके उपयोग से कम होगा और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रह सकती है।
ब्राजील में चीनी के बजाए एथनॉल निर्माण में गन्ना के अधिक उपयोग होने की संभावना है जिसके आरंभिक संकेत मिलने लगे हैं। भारत, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया में अल नीनो मौसम चक्र के संभावित प्रकोप से गन्ना एवं चीनी के उत्पादन में कमी आने का अनुमान है।
उधर यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में किसानों को चुकंदर का लाभप्रद मूल्य प्राप्त नहीं होने से इसकी खेती के प्रति उसका उत्साह एवं आकर्षण घट गया है। मालूम हो कि यूरोपीय संघ में गन्ना से नहीं बल्कि चुकंदर से चीनी का उत्पादन होता है। पाकिस्तान में भी चीनी का कम उत्पादन होगा।
न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी (रॉ शुगर) तथा लंदन एक्सचेंज में सफेद चीनी का वायदा भाव आगामी महीनों के दौरान मजबूत रहने की संभावना है। भारत से अब चालू मार्केटिंग सीजन में चीनी का निर्यात नहीं हो सकेगा जिससे इसकी घरेलू उपलब्धता में वृद्धि होगी।
