भारत में इस वर्ष गेहूं का आयात बढ़ने का फास का अनुमान

03-Apr-2024 08:50 PM

नई दिल्ली । अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की विदेश कृषि सेवा (फास) का कहना है कि रिकॉर्ड अनुमानित घरेलू उत्पादन के बावजूद 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के दौरान भारत में गेहूं का आयात बढ़ सकता है क्योंकि एक तो घरलू मांग एवं खपत निरयमित रूप से बढ़ती जा रही है तथा सरकारी स्टॉक घटकर काफी नीचे आ गया है और दूसरे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गेहूं का दाम अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है।

गत 29 मार्च को ग्लोबल एग्रीकल्चरल इन्फॉर्मेशन नेटवर्क (गैन) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में गेहूं का उत्पादन इस बार बढ़कर 425 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है क्योंकि बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ मौसम की हालत भी काफी हद तक अनुकूल रही है। यह अनुमानित उत्पादन 2023-24 सीजन के करोड़ उत्पादन 1105 लाख टन से भी 20 लाख टन ज्यादा है। 

गैन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में गेहूं का कुल उपयोग बढ़कर 1135 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंचने की संभावना हैजो इसके अनुमानित उत्पादन से भी 10 लाख टन ज्यादा है।

इसके फलस्वरूप भारत में 2024-25 के दौरान गेहूं का आयात बढ़कर 20 लाख टन तक पहुंचने के आसार हैं जो 2023-24 सीजन के आयात 1.20 लाख टन से काफी अधिक है। इस तरह भारत 2077-18 के बाद एक बार फिर गेहूं का एक महत्वपूर्ण आयातक देश बन सकता है।   

रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी स्टॉक में भारी गिरावट आने और वैश्विक बाजार भाव गरम रहने तथा घरेलू प्रभाग में मांग एवं कीमत बढ़ने पर सरकार के चालू मार्केटिंग सीजन की दूसरी छमाही में सीमा शुल्क की दर घटाकर व्यापारियों को विदेशों से गेहूं का आयात करने की अनुमति होने के लिए विवश होना पड़ सकता है।

दूसरी और सरकार अब गेहूं एवं इसके उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध में कोई राहत-रियायत दिए जाने की संभावना नहीं है। फिलहाल फास के इस अनुगमन पर भरोसा करना मुश्किल है। पिछले साल भी इस तरह की निरर्थक चर्चा हुई थी।