भारत में चावल का उत्पादन एवं बकाया स्टॉक घटने का अनुमान
14-May-2026 03:53 PM
नई दिल्ली। अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर रहने तथा बारिश कम होने की संभावना से इस वर्ष भारत में धान-चावल का उत्पादन आंशिक रूप से प्रभावित होने की आशंका है। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) के अनुसार 2025-26 सीजन के दौरान भारत में करीब 15.20 करोड़ टन चावल का उत्पादन होने की संभावना है जो 2026-27 के सीजन में घटकर 15 करोड़ टन के आसपास सिमट सकता है।
लेकिन दूसरी ओर चावल के घरेलू उपयोग एवं निर्यात में इजाफा होने की उम्मीद है। इससे सीजन के अंत में बकाया अधिशेष स्टॉक 530 लाख टन से गिरकर 500 लाख टन के करीब रह जाने की संभावना है। इसमें सरकारी एजेंसी के साथ-साथ राइस मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के पास मौजूद रहने वाला स्टॉक भी शामिल है।
भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है जबकि इसके उत्पादन में प्रथम और दूसरे स्थान के लिए चीन के साथ इसकी प्रतिस्पर्धा रहती है। भारत में स्टॉक घटने पर चावल के वैश्विक बकाया स्टॉक में भी गिरावट आने की संभावना रहती है।
उस्डा ने भारत से चावल का निर्यात बढ़कर 2026-27 के मार्केटिंग सीजन में 250 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की है जो 2025-26 सीजन के अनुमानित निर्यात 230 लाख टन से 20 लाख टन अधिक है।
इससे चावल के अंतर्राष्ट्रीय निर्यात बाजार में भारत की भागीदारी ओर भी बढ़ जाएगी। भारत की बदौलत ही उस्डा ने चावल का कुल वैश्विक व्यापार 2025-26 सीजन के 602.80 लाख टन से बढ़कर 2026-27 के सीजन में 630.10 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।
