बीबीएसएसएल को परम्परागत बीजों पर ध्यान देने का सुझाव
28-Dec-2024 12:35 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने भारतीय बीज सहकारी समिति लि० (बीबीएसएसएल) के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए इस सहकारी संस्था के लिए वर्ष 2025-26 के दौरान उसे अपनी परिधि में 20 हजार अन्य सहकारी समितियों को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके साथ-साथ संस्था को पानी की बचत वाली परम्परागत श्रेणी के बीजों का संरक्षण करने के लिए भी कहा गया है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न राज्यों की सहकारी समितियों की एक संस्था के रूप में वर्ष 2024 के दौरान बीबीएसएसएल की स्थापना की गई।
यह संस्था वर्तमान समय में देश के छह राज्यों में 5596 हेक्टेयर में फाउंडेशन तथा प्रमाणित बीजों का उत्पादन कर रही है और मौजूदा रबी सीजन के दौरान आठ फसलों की 49 किस्मों से लगभग 1,64,804 क्विंटल बीजों का उत्पादन करने की उम्म्मीद कर रही है।
इस सहकारी संस्था द्वारा अपनी स्थापना के बाद से अब तक 41.50 करोड़ रुपए मूल्य के 41,773 क्विंटल बीज की बिक्री की जा चुकी है जिसमें गेहूं, मूंगफली, बरसीम तथा जई आदि के बीज शामिल है।
सहकारी मंत्री ने संस्था को सुझाव दिया कि भारत के विभिन्न परम्परागत बीजों के संग्रहण तथा संरक्षण पर ध्यान केन्द्रित करे और एक दस वर्षीय रोड मैप भी तैयार करे।
शीर्ष अधिकारियों को नियत लक्ष्य की नियमित रूप से समीक्षा करनी चाहिए और खासकर बीजों का उत्पादन बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
