अधिकांश राज्यों में चना का रकबा सामान्य रहने की उम्मीद
28-Nov-2025 08:52 PM
नई दिल्ली। देश के पांच शीर्ष उत्पादक राज्यों - मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं गुजरात में चालू रबी सीजन के दौरान कुल मिलाकर चना का उत्पादन क्षेत्र सामान्य रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश में बिजाई क्षेत्र कुछ घट सकता है मगर अन्य राज्यों में बिजाई थोड़ी बहुत बढ़ने से इसमें संतुलन आ जाएगा।
आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान का कहना है कि चना का बिजाई क्षेत्र गुजरात महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में लगभग सामान्य रहेगा जबकि राजस्थान में इसे सरसों की तथा मध्य प्रदेश में गेहूं की प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। मध्य प्रदेश में चना के रकबे में कुछ गिरावट आने की संभावना है
क्योंकि वहां बुंदेलखंड संभाग में किसान चना के बजाए गेहूं की खेती को प्राथमिकता दे सकते हैं। मध्य प्रदेश में गेहूं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर किसानों को अंतिम अतिरिक्त बोनस दिए जाने की संभावना है। यदि बिजाई सीजन के दौरान इसकी घोषणा हो जाती है तो गेहूं का रकबा बढ़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2025-26 सीजन के लिए बढ़ाकर 5875 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि प्रमुख मंडियों में इसका थोक भाव 5500-5800 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है। ऑस्ट्रेलिया से आयातित चना का दाम भी 5400-5525 रुपए प्रति क्विंटल बताया जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 21 नवम्बर 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर चना का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 53.71 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 49.30 लाख हेक्टेयर से 4.41 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
