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03-Nov-2026 04:18 PM
नई दिल्ली। देश के प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं होने से चालू रबी सीजन के दौरान गेहूं धान, चना, मसूर, जौ एवं सरसों जैसी महत्वपूर्ण फसलों की बिजाई की गति काफी धीमी देखी जा रही है।
रबी बिजाई सीजन का पहला महीना (अक्टूबर) बीतने के बावजूद अभी तक ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ फसलों और खासकर गेहूं जौ, मूंग तथा मूंगफली आदि की बिजाई शुरू ही हुई है। सरसों, चना तथा मसूर का रकबा गत वर्ष से काफी पीछे चल रहा है।
30 अक्टूबर तक के आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2025 की तुलना में 2026 के दौरान रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 69.02 लाख हेक्टेयर से 46 प्रतिशत लुढ़ककर 37.56 लाख हेक्टेयर रह गया।
इसके तहत सरसों का बिजाई क्षेत्र 38.07 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.50 लाख हेक्टेयर, चना का रकबा 14.35 लाख हेक्टेयर से घटकर 5.90 लाख हेक्टेयर और मसूर का क्षेत्रफल 2.14 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.10 लाख हेक्टेयर रह गया।
दक्षिण भारत में जोरदार बारिश होने तथा महाराष्ट्र में सूखा पड़ने से बिजाई प्रभावित हो रही है। इसी तरह राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं गुजरात में भी बिजाई की गति धीमी देखी जा रही है।