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03-Nov-2026 07:33 PM
नई दिल्ली। दैनिक उपयोग की अनेक आवश्यक खाद्य उत्पादों की कीमतों में हो रही भारी वृद्धि से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकार की चिंता भी बढ़ गई है।
चावल, चीनी, सरसों तेल एवं मसालों के दाम में बढ़ोत्तरी होने से सितम्बर में खाद्य महंगाई की दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत पर पहुंच गई। सरकार को उम्मीद है कि त्यौहारी सीजन की समाप्ति के बाद उपरोक्त खाद्य उत्पादों की कीमतों में तेजी पर ब्रेक लगेगा और बाजार में स्थिरता आएगी।
दिलचस्प तथ्य यह है कि अक्टूबर में दाल-दलहन के मूल्य में अपेक्षित तेजी नहीं देखी गई और अब भी इससे काफी हद तक स्थिरता का माहौल बना हुआ है।
सरकार भी मार्केट में चावल एवं दलहन का स्टॉक उतार रही है और अब फ्लोर मिलर्स- प्रोसेसर्स के ओएमएसएस के तहत गेहूं भी उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया है। मध्य नवम्बर तक पीक त्यौहारी सीजन रहेगा और फिर लग्नसरा एवं मांगलिक उत्सवों का समय आरंभ हो जाएगा।