अनाज आधारित एथनॉल की आपूर्ति दोगुनी से ज्यादा बढ़ने की संभावना
21-Jan-2025 05:58 PM
नई दिल्ली। चीनी अनुसंधान क्षेत्र के एक वरिष्ठ विश्लेषक का कहना है कि 2023-24 के मार्केटिंग सीजन के दौरान पेट्रोल में मिश्रण के उद्देश्य से कुल 2.08 अरब लीटर एथनॉल की आपूर्ति दोगुने से ज्यादा बढ़कर 4.23 अरब लीटर पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
विश्लेषक के अनुसार गन्ना की तुलना में अनाज से एथनॉल की रिकवरी दर ऊंची रहती है। टुकड़ी चावल की प्रति टन मात्रा से औसतन 420 लीटर तथा मक्का की प्रति टन मात्रा से 380 एथनॉल का निर्माण होता है जबकि शुगर सीरप की प्रति टन मात्रा से 300-320 लीटर ही एथनॉल बनता है।
भारत में औसतन 360 लाख टन मक्का का वार्षिक उत्पादन होता है और परम्परागत रूप से पॉल्ट्री फीड तथा स्टार्च निर्माण उद्योग में इसकी सर्वाधिक खपत होती रही है।
इससे एथनॉल की डिस्टीलरीज को करीब 50 लाख टन मक्का का अभाव महसूस हो रहा था। इन डिस्टीलरीज को 70-80 लाख टन मक्का की जरूरत है।
केन्द्र सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य नियत किया है और इसे हासिल करने के लिए 10 अरब लीटर एथनॉल की आवश्यकता पड़ेगी।
समीक्षकों के अनुसार 1.35 अरब लीटर एथनॉल का उत्पादन करने के लिए करीब 35-40 लाख टन मक्का की जरूरत पड़ती है।
चार वर्ष पूर्व एथनॉल के निर्माण में मक्का का बहुत कम उपयोग होता था लेकिन अब विशाल मात्रा में इसका इस्तेमाल होने लगा है।
सरकार ने एथनॉल डिस्टीलरीज के लिए अपने स्टॉक से 24 लाख टन चावल का कोटा नियत किया है और इसका दाम भी घटाकर 2250 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया हैं।
इससे एथनॉल का उत्पादन बढ़ाने तथा मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने में सहायता मिलेगी। गन्ना से भी इस बार एथनॉल का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
