अल नीनो के खतरे को देखते हुए सरकार आपातकालीन योजना बनाने को तैयार

28-May-2026 08:34 PM

नई दिल्ली। भयंकर गर्मी, बारिश की कमी एवं अल नीनो मौसम चक्र के संभावित खतरे से खरीफ सीजन में फसलों की बिजाई एवं प्रगति के लिए जोखिम काफी बढ़ गया है। अगले महीने से बिजाई की प्रक्रिया आरंभ होने वाली है जबकि अभी तक मौसम की हालत प्रतिकूल बनी हुई है।

आगामी संभावित खतरे को देखते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने आपात कालीन (आपदा कालीन) प्लान बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री के अनुसार केन्द्र सरकार इस वर्ष खरीफ फसलों पर अल नीनो मौसम चक्र के पड़ने वाले किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को बेअसर करने के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठा रही है। सरकार दलहन-तिलहन के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 

कृषि मंत्री के अनुसार अल नीनो मौसम चक्र से चिंतित होने के बजाए इसे प्रभाव हीन बनाने के लिए तैयारी करने की आवश्यकता है। प्रभावित जिलों के लिए आपातकालीन, योजनाएं बनाई जाएंगी और जहां कहीं भी आवश्यकता पड़ेगी वहां फसलों को बदलने पर विचार किया जाएगा। दो दिवसीय राष्ट्रीय खरीफ कांफ्रेंस से इतर कृषि मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर गहरी नजर रखे हुए है और हर संभव तैयारी भी कर रही है। 

कृषि मंत्रालय वैकल्पिक फसलों के लिए जिलों की पहचान करने में लगा हुआ है और अल नीनो का असर पड़ने की स्थिति में वहां बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। समझा जाता है कि देश के कुछ जिलों को भयंकर सूखे का सामना करना पड़ सकता है।

वहां यदि एक फसल की खेती के बाद बीज में अंकुरण नहीं हुआ अथवा पानी के अभाव में फसल सूख गई तो दोबारा अन्य फसलों की बिजाई आरंभ करवाई जा सकती है जिसे सिंचाई के लिए पानी की कम जरूरत पड़ती है। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष अल नीनो के संभावित प्रकोप को देखते हुए देश में सामान्य औसत से कम बारिश होने का अनुमान लगाया है जिसे कृषि मंत्रालय गंभीरता से ले रहा है।