आने वाला पश्चिम विक्षोभ मानसून के लिए बन सकता है बाधक
28-May-2026 08:40 PM
नई दिल्ली। ऐसा प्रतीत होता है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून चौतरफा खतरा बना हुआ है। हिन्द महासागर में अल नीनो सॉदर्न ऑसिलेशन (अंसो) की स्थिति कुछ हद तक अनुकूल रहने के बावजूद अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी के ऊपर प्रतिगामी हवा के प्रवाह के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई और अभी वह श्रीलंका में ही घूम रहा है।
वहां से मानसून छह-सात दिनों में भारत पहुंच सकता था लेकिन इस बीच पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने की आशंका है जो मानसून के रास्ते में बाधा खड़ी कर सकता है।
आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ की शक्ति ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रहती है लेकिन यदि इसने एक बार मानसून को आगे बढ़ने से रोक दिया तो उसे सघन एवं गतिशील होने में लम्बा वक्त लग सकता है।
फिलहाल 2-3 जून तक मानसून के भारत में पहुंचने की संभावना है लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण इसमें कुछ और देर हो सकती है।
