अगले तीन दिनों तक पश्चिमोत्तर क्षेत्र में प्रचंड गर्मी पड़ने का अनुमान

28-May-2024 05:46 PM

तिरुअनन्तपुरम । मौसम विभाग ने एक तरफ रेमल चक्रवाती तूफान की वजह से पश्चिमी बंगाल के तटवर्ती क्षेत्रों एवं पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में 27-28 मई के अत्यन्त मूसलाधार वर्षा होने का अनुमान लगाया किया था जबकि दूसरी ओर देश के मध्यवर्ती एवं पश्चिमोत्तर भाग में तीन दिनों यानी 29 मई तक प्रचंड गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना व्यक्त की थी।

30 मई से गर्मी की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है जब पश्चिमोत्तर भारत के अंदर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़नी शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग का कहना है कि अल नीनो मौसम चक्र अब न्यूट्रल होने लगा है और धीरे-धीरे यह समाप्त हो जाएगा।

मौसम विभाग के अनुसार जून-अगस्त के दौरान ला नीना मौसम चक्र के विकसित होने होने के 49 प्रतिशत आसार हैं। यह मौसम चक्र दक्षिण पश्चिम मानसून का हितैषी होता है इसलिए इसके आगमन से देश में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद बढ़ेगी।

जुलाई से सितम्बर के दौरान ला नीना मौसम चक्र के सक्रिय होने के 69 प्रतिशत चांस हैं जिसका मतलब यह हुआ कि अगस्त-सितम्बर में देश के विभिन्न भागों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। पिछले साल अगस्त में भयंकर सूखा पड़ा था जिससे खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ था। 

मौसम विभाग ने एक बार फिर कहा है कि चालू वर्ष के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में देश के अंदर दीर्घकालीन औसत की तुलना में करीब 106 प्रतिशत बारिश हो सकती है जिससे खरीफ फसलों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।

जुलाई-अगस्त को सर्वाधिक वर्षा वाला महीना माना जाता है और उसी अवधि में खरीफ फसलों की सबसे ज्यादा खेती होती है। इस वर्ष सामान्य मानसून के 31 प्रतिशत, सामान्य से अधिक बारिश के 32 प्रतिशत, सामान्य से कम के 8 प्रतिशत तथा वर्ष की भारी कमी के महज 2 प्रतिशत चांस है। दूसीर ओर मानसून सीजन के दौरान अत्यधिक वर्षा होने की उम्मीद 29 प्रतिशत है।

जून-सितम्बर 2024 के चार महीनों के दौरान मानसून कोर जोन में सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है। इस अवधि में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 94 प्रतिशत तथा पश्चिमोत्तर राज्यों में 108 प्रतिशत बारिश होने के आसार हैं।