आंध्र प्रदेश में दलहनों की खेती में किसानों की अच्छी दिलचस्पी

30-Jan-2026 05:58 PM

विजयवाड़ा। दक्षिण भारतीय राज्य- आंध्र प्रदेश में पानी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं होने से किसानों को चालू रबी सीजन में धान की खेती करने में कठिनाई हो रही है इसलिए वे दलहन फसलों की बिजाई को प्राथमिकता दे रहे हैं। बांधों-जलाशयों एवं नहरों सरोवरों में पानी का सीमित स्टॉक मौजूद है जबकि धान की फसल को पानी की सर्वाधिक जरूरत होती है। 

इसे देखते हुए आंध्र प्रदेश के किसानों ने पानी की कम जरूरत तथा परिपक्वता की छोटी अवधि वाली फसलों और खासकर दलहनों की खेती पर विशेष ध्यान दिया।

कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार इस बार आंध्र प्रदेश में रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 17.05 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जो सामान्य औसत क्षेत्रफल 20.69 लाख हेक्टेयर का 82 प्रतिशत है। लेकिन पिछले साल की तुलना में बिजाई क्षेत्र कुछ आगे निकल गया है। 

मौजूदा रबी सीजन की बिजाई की एक खास विशेषता यह है कि किसानों द्वारा धान के बजाए दलहनों की खेती को प्राथमिकता दी गई दलहनों का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 6.39 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है

जो समान्य औसत क्षेत्रफल का 97 प्रतिशत है। दूसरी ओर धान का रकबा 5.80 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो औसत क्षेत्रफल का 78 प्रतिशत है। इससे वहां जलाशय का स्पष्ट संकेत मिलता है। 

दलहन फसलों के संवर्ग में वहां चना का बिजाई क्षेत्र 3.02 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा और फसल की हालत अच्छी बताई जा रही है। उसमें फूल लगने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 2.34 लाख हेक्टेयर में उड़द तथा 49 हजार हेक्टेयर में मूंग की बिजाई हो चुकी है। इन दोनों दलहन फसलों की स्थिति भी उत्साहवर्धक बताई जा रही है।