आई- ग्रेन इंडिया- सरसों बाजार विश्लेषण
13 अक्टूबर 2026 | मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर
★ सरसों में तेजी के संकेत, भाव ₹10,000 तक पहुंचने की संभावना
★ उत्पादन, खपत और स्टॉक की अनुमानित स्थिति, कुल उपलब्धता (उत्पादन + पुराना स्टॉक): 111.25 लाख टन, कुल आवक: 85 लाख टन, अनुमानित क्रशिंग: 78 लाख टन, शेष स्टॉक: 33.25 लाख टन
शुरुआती महीनों में क्रशिंग अच्छी रही, बाद में इसकी रफ्तार घटी, लेकिन सितंबर में लगभग 1 लाख टन की बढ़ोतरी हुई। यह तेल की मांग में सुधार का संकेत है।
सरसों तेल की बढ़ती मांग
★ कोविड के बाद सरसों तेल ने घरेलू बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है। दक्षिण भारत में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती मांग के कारण क्रशिंग में सुधार हो रहा है, जिससे उपलब्ध स्टॉक पर दबाव बढ़ सकता है।
★ जयपुर में भाव मजबूत, सरसों 42% का भाव लगभग ₹8,950 प्रति क्विंटल जो एक सप्ताह में ₹250 और नवंबर की तुलना ₹450 बढे।
नई फसल तक स्टॉक की चुनौती
★ फरवरी 2027 में नई फसल आने तक अनुमानित 33.25 लाख टन स्टॉक उपलब्ध है। अगले पांच महीनों के हिसाब से औसत उपलब्धता केवल 6.65 लाख टन प्रति माह बैठती है। मौजूदा खपत और क्रशिंग जारी रहने पर स्टॉक सीमित पड़ सकता है।
★ सरसों का MSP ₹413 बढ़ाकर ₹6,813 प्रति क्विंटल किया गया है। कम बारिश, संभावित अल नीनो प्रभाव और सरसों की कम पानी की जरूरत को देखते हुए कुछ क्षेत्रों में गेहूं के मुकाबले सरसों की बुवाई बढ़ सकती है।
★ वर्तमान भाव भी किसानों को सरसों की ओर आकर्षित कर सकते हैं। हालांकि, वास्तविक बुवाई मौसम और किसानों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
सरकारी खरीद और बाजार का रुख
★ यदि नई फसल की आवक के समय भाव MSP से ऊपर रहते हैं, तो सरकारी एजेंसियों की खरीद सीमित रह सकती है। इससे सरकारी हस्तक्षेप की संभावना प्रभावित होगी।
★ संभावित भाव स्तर- अल्पावधि: ₹9,500 प्रति क्विंटल और दीर्घावधि: ₹10,000 प्रति क्विंटल
★ बढ़ती तेल मांग, क्रशिंग में सुधार, नई फसल तक सीमित स्टॉक और MSP में वृद्धि सरसों बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं। यदि मांग मजबूत रहती है तो भावों में आगे भी तेजी संभव है।
नोट: यह व्यक्तिगत बाजार विश्लेषण है, निवेश या व्यापार की सलाह नहीं। व्यापार करने से पहले बाजार के फंडामेंटल का स्वयं अध्ययन करें।