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मंडियों में रूई की आवक कम- कीमतों में तेजी

13-Oct-2026 03:49 PM

मंडियों में रूई की आवक कम- कीमतों में तेजी

अहमदाबाद। विभिन्न उत्पादक राज्यों में रूई के नए माल की तुड़ाई-तैयारी शुरू हो चुकी है लेकिन मंडियों में इसकी आवक की गति धीमी देखी जा रही है। अक्टूबर के आरम्भिक 9 दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर करीब 5 लाख गांठ रूई की आपूर्ति हुई। ज्ञात हो कि रूई की प्रत्येक गांठ 170 किलो की होती है। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 12 अक्टूबर को देशभर की प्रमुख मंडियों में करीब 78 हजार गांठ रूई की आवक हुई। इसके तहत उत्तरी राज्यों (पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान) में लगभग 17 हजार, आंध्र प्रदेश में 16 हजार, गुजरात में 15 हजार, कर्नाटक में 9 हजार, आंध्र प्रदेश में 8 हजार महाराष्ट्र में 7 हजार एवं तेलंगाना में 6 हजार गांठ रूई की आवक दर्ज की गई। 

गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना देश के तीन सबसे प्रमुख कपास उत्पादक राज्य हैं। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष गुजरात और तेलंगाना में कपास का रकबा बढ़ा है मगर महाराष्ट्र में क्षेत्रफल घट गया है। उत्तरी राज्यों में भी कपास की बिजाई कम क्षेत्रफल में हुई है। 

एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार उत्पादन घटने की आशंका एवं कीमत तेज होने की उम्मीद से किसान अपनी कपास की बिक्री में जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं। कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार 8600 रुपए प्रति क्विंटल के करीब निर्धारित हुआ है मगर उत्पादन इस दाम पर भी अपना उत्पाद बेचने के मूड में नहीं हैं। गुजरात में शंकर-6 रूई का भाव 30 सितम्बर को 64000 रुपए प्रति कैंडी (356 किलो) था जो 12 अक्टूबर को बढ़कर 68000 रुपए प्रति कैंडी हो गया।