30 नवम्बर तक चीनी के उत्पादन में करीब 50 प्रतिशत की शानदार वृद्धि
01-Dec-2025 04:18 PM
नई दिल्ली। सहकारी चीनी मिलों की अग्रणी संस्था- नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के आरंभिक दो महीनों में यानी 1 अक्टूबर से 30 नवम्बर 2025 के दौरान देश में चीनी का कुल उत्पादन उछलकर 41.35 लाख टन पर पहुंच गया
जो पिछले साल की समान अवधि के उत्पादन 27.60 लाख टन से 13.75 लाख टन या 49.82 प्रतिशत अधिक है। गन्ना की क्रशिंग करने वाली इकाइयों की कुल संख्या 382 से बढ़कर 424 हो गई और उसमें गन्ना की क्रशिंग की मात्रा 333.64 लाख टन से उछलकर 486.13 लाख टन पर पहुंच गई।
इतना ही नहीं बल्कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर भी 8.27 प्रतिशत से सुधरकर 8.51 प्रतिशत हो गई।
फेडरेशन के अनुसार पिछले साल की तुलना में अक्टूबर-नवम्बर 2025 के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 12.90 लाख टन से सुधरकर 14.10 लाख टन, महाराष्ट्र में 4.60 लाख टन से उछलकर 16.75 लाख टन तथा कर्नाटक में 7.00 लाख टन से बढ़कर 8.20 लाख टन पर पहुंच गया।
इसके अलावा चीनी का उत्पादन गुजरात में 75 हजार टन से सुधरकर 90 हजार टन, तथा उत्तराखंड में 35 हजार टन से सुधरकर 40 हजार टन पर पहुंचा।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा सहित अन्य प्रांतों में भी चीनी का उत्पादन शुरू हो गया है लेकिन इसकी मात्रा सीमित तथा गत वर्ष के बराबर या उससे कम है। तमिलनाडु में भी उत्पादन पीछे है।
फेडरेशन ने 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन शुद्ध (खाद्य उद्देश्य के लिए ) चीनी का कुल उत्पादन उछलकर 315 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जो 2024-25 सीजन के सकल अनुमानित उत्पादन 261.80 लाख टन से 53.20 लाख टन या 20.32 प्रतिशत ज्यादा है।
इसके तहत उत्तर प्रदेश में 105 लाख टन, महाराष्ट्र में 110 लाख टन, कर्नाटक में 55 लाख टन, गुजरात में 8 लाख टन, बिहार में 6 लाख टन, हरियाणा एवं पंजाब में 5.50-5.50 लाख टन,
मध्य प्रदेश में 5 लाख टन, तमिलनाडु में 7 लाख टन, उत्तराखंड में 4 लाख टन तथा आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में संयुक्त रूप से 2.50 लाख टन चीनी के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है।
