10 लाख टन चीनी के निर्यात हेतु राज्य वार कोटा आवंटित

20-Jan-2025 06:56 PM

नई दिल्ली । लम्बी प्रतीक्षा के बाद अंततः केन्द्र सरकार ने चीनी के निर्यात की अनुमति देने के स्वदेशी उद्योग के आग्रह को स्वीकार कर लिया। हालांकि शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने 20 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति देने की मांग की थी

लेकिन काफी सोच-विचार करने के बाद 10 लाख टन चीनी के निर्यात की मंजूरी देने का निर्णय लिया और अब प्रमुख उत्पादक राज्यों के लिए निर्यात का कोटा भी आवंटित कर दिया। इससे चीनी उद्योग को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के प्लांटों के लिए सर्वाधिक 3,74,996 टन चीनी का निर्यात कोटा निर्धारित किया गया है जबकि उत्तर प्रदेश के मिलर्स को 2,74,184 टन तथा कर्नाटक के मिलर्स को 1,74,980 टन का कोटा आवंटित किया गया है। 

इसके अलावा तमिलनाडु को 34,236 टन, गुजरात को 31,994 टन, हरियाणा को 22,210 टन, बिहार को 20,297 टन, मध्य प्रदेश को 18,404 टन, पंजाब को 17,200 टन, उत्तराखंड को 13,223 टन, तेलंगाना को 7842 टन, आंध्र प्रदेश को 5841 टन, छत्तीसगढ़ को 3423 टन, उड़ीसा को 886 टन तथा राजस्थान को 289 टन चीनी का निर्यात कोटा दिया गया है। 

कुल 10 लाख टन चीनी कोटे में से शीर्ष तीन उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक को संयुक्त रूप से 8,24,160 टन या करीब 82.42 प्रतिशत का कोटा आवंटित हुआ है जबकि शेष 1.76 लाख टन का कोटा अन्य राज्यों में वितरित किया गया है। 

चीनी के उत्पादन आंकड़े पर संशय अभी बरकरार है लेकिन समझा जाता है कि सरकार ने 320 लाख टन के अनुमानित उत्पादन के आधार पर यह निर्णय लिया है।

चीनी का प्रत्यक्ष घरेलू उपयोग 285-290 लाख टन तथा एथनॉल निर्माण में इस्तेमाल 40 लाख टन होने की संभावना व्यक्त की गई है। उद्योग के पास 79 लाख टन का पुराना स्टॉक बचा हुआ था।